मेरठ, जागरण संवाददाता। Street Vending Zone भले ही केंद्र और राज्य सरकार स्ट्रीट वेंडर्स को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए है। लेकिन मेरठ नगर निगम सरकार की मंशा पर पानी फेरने का काम कर रहा है। यह हम नहीं कह रहे बल्कि स्ट्रीट वेंडिंग जोन में साल भर से अधूरे पड़े काम बयां कर रहे हैं।

यह है हालात

बात सूरजकुंड पार्क के पास स्ट्रीट वेंडिंग जोन के निर्माण से शुरू होती है। यहां पर कार्य का शुभारंभ 13 अक्टूबर 2020 को किया गया था। निर्माण अनुभाग ने करीब 17.07 लाख रुपये से पार्क के आसपास करीब 80 स्ट्रीट वेंडर्स को बसाने की योजना बनाई थी। जिसमें हंस चौराहे के पास स्ट्रीट वेंडिंग जोन की केवल 11 दुकानें ही बनी। शेष काम रुके हुए छह माह से अधिक का समय बीत चुका है। जबकि केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। जो दुकाने बनकर तैयार हैं, उनमें ताले लटक रहे हैं।

ये काम नहीं हुए

रखरखाव के अभाव में उनकी टीनशेड की छत उखड़ने लगी है। सूरजकुंड पार्क के अलावा तेजगढ़ी चौराहे से मेडिकल कालेज तक स्ट्रीट वेंडर्स को जगह देने के लिए पक्के चबूतरे बनाए जाने थे और उनमें प्रकाश की व्यवस्था की जानी थी। चबूतरे बन गए। अन्य काम नहीं हुए। नगलाताशी में सरधना रोड पर नाले किनारे साइड पटरी पर, पल्लवपुरम फेज दो में एनएच-58 से उदय सिंह रोड तक, रूड़की रोड पर पीएसी नाले किनारे साइड पटरी पर, पल्लवपुरम फेज एक में भी स्ट्रीट वेंडिंग जोन विकसित किया जाना है। मालूम हो कि नगर निगम में लगभग 42,000 से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स रजिस्टर्ड है। इनमें से अभी तक100 स्ट्रीट वेंडर्स को भी स्ट्रीट वेंडिंग जोन में नहीं बसाया जा सका है। जबकि एक साल से यह कवायद चल रही है।

रैंप में फिसलन है, इसलिए बंद है

सूरजकुंड पार्क के वेंडिंग जोन में सार्वजनिक शौचालय है। जिसमें बनने के बाद से ही ताला लग गया है। इसकी चमचमाती दीवार पर पोस्टर चस्पा है। जिसमें लिखा है कि शौचालय के नए रैंप में फिसलन है। जिस कारण चोट लगने की संभावना है। रैंप बदलने तक शौचालय बंद रहेगा। असुविधा के लिए खेद है। दरअसल, रैंप पर खुरदरी टाइल्स लगाने के बजाए दीवार की बची हुई टाइल्स ही लगा दी गई है। रैंप भी सही नहीं बनाया गया है।

इनका कहना है

स्ट्रीट वेंडिंग जोन सात स्थानों पर विकसित होने हैं। कुछ स्थानों पर विवाद की स्थिति के चलते काम रुका हुआ है। ये बात सही है कि निर्माण अनुभाग ने इस काम को लेकर सक्रियता नहीं दिखायी है। जल्द ही इसकी समीक्षा कर काम तेजी से पूरे कराए जाएंगे।

- बृजपाल सिंह, सहायक नगर आयुक्त प्रथम।

Edited By: Prem Dutt Bhatt