मेरठ, जेएनएन। नेशनल हाईवे-58 पर कहां-कहां बारिश के पानी से जलभराव होता है, इसके लिए एनएचएआइ की टीम परतापुर से मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे तक निरीक्षण कर रही है। हाईवे पर जहां भी मिट्टी लचक की वजह से सड़क का वो हिस्सा नीचा हो गया है, उस जगह की खुदाई कर पेचवर्क का कार्य किया जाएगा।

हाईवे पर जलभराव वाली जगहों को तलाश

एनएचएआइ के पीडी डीके चतुर्वेदी ने बताया कि दिल्ली स्थित एनएचएआइ के मुख्यालय से मिले पत्र के बाद हाईवे पर जलभराव वाली जगहों को तलाश किया जा रहा है। जहां-जहां सड़क नीचे की ओर दबी है, वहां से जलभराव खत्म करने से दो चीजों का फायदा हो गया। एक तो तेज रफ्तार में निकल रहे वाहन अगर उस लचीली जगह से गुजरने पर वाहन में हल्का उछाल होता है। दूसरी ओर जलभराव में मच्छर पैदा नहीं होंगे, जिससे किसी भी तरह की बीमारी फैलने का खतरा भी नहीं रहेगा। निरीक्षण टीम अपने रिपोर्ट एनएचएआइ कंकरखेड़ा के दफ्तर में देगी, उसके बाद उसी रिपोर्ट के आधार पर वेस्टर्न यूपी टोलवे कंपनी अपने स्तर से उन जगहों पर पेचवर्क करने का कार्य करेगी।

 

Edited By: Taruna Tayal