मेरठ, जेएनएन। कोरोना संकट के इस दौर में व्यायाम काफी उपयोगी साबित हो रहा है। स्वस्थ रहने व किसी समस्या के समाधान के लिए नियमित व सही ढंग से की गई कसरत काफी लाभ देती है। फिजियोथेरेपिस्ट डा. मोहित शर्मा कहते हैं आसान वर्जिश भी फेफड़ों को मजबूत व उसकी कार्य क्षमता का विस्तार करती हैं। दिमाग का और फेफड़ों का सही तालमेल ही कोरोना को हराएगा। स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है कि परेशान न हो और खुश रहें। उन्होंने कहा बताया कि अक्सर लोग इधर-उधर से जानकारी जुटा कर गलत व्यायाम का चयन कर उन्हें करना शुरू कर देते हैं। नतीजतन उसका उन्हें कोई लाभ नहीं मिलता। डा. मोहित ने रक्त व मस्तिष्क में उचित ढंग से आक्सीजन पहुंच सके, इसके लिए कुछ आसान व्यायाम व सुझाव दिए हैं।

व्यायाम करते हुए यह अपनाएं

  • तंग कपड़े पहनकर कसरत न करें।
  • व्यायाम से पहले हमेशा गर्म पानी पीएं।
  • नहाने से पहले छाती की गुनगुने तेल से मालिश करें।

यह करें व्यायाम

  • दिन में 10 बार गुब्बारा फुलाएं।
  • जोर-जोर से हंसना भी एक प्रभावी व्यायाम है।
  • कसरत के तौर पर पूरी क्षमता से हवा को अंदर खींचे फिर 50 की गिनती बोलते हुए धीरे-धीरे हवा छोड़ें।
  • गहरा सांस लें और होंठ दबाते हुए मछली की तरह मुंह का आकार बना सांस छोड़ें।
  • कोई विकल्प न मिलने पर दीवार के सहारे खड़े हो जाएं और कमर मोड़ कर सांस लेने का प्रयास करें। श्वसन में राहत मिलेगी।
  • कंधे व गर्दन की कसरत करने से भी फेफड़ों की कार्य क्षमता बढ़ती है।

ताड़ासन से छह बड़ लाभ

कोरोना संक्रमण के खिलाफ जंग जीतने में नियमित योगासन और प्राणायाम करने से काफी मदद मिल रही है। योग प्रशिक्षक डा. ब्रrादत्त का कहना है कि योग न सिर्फ शरीर को मजबूत बनाता है, बल्कि उसे सही ढंग से कार्य करने के लिए भी प्रेरित करता है। इन्हीं, आसनों में एक ताड़ासन को जो भी करता है श्वसन संबंधी समस्याएं जैसे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस आदि में राहत मिलती है। साथ ही घुटनों का दर्द व मानसिक समस्याओं में भी राहत देकर मन को स्थिर व शांत करता है। आइए जानते हैं इसे करने के तरीके या फायदे के बारे में।

ऐसे करें ताड़ासन

सबसे पहले सावधान मुद्रा में खड़े हो जाएं और दोनों पैरों के बीच कुछ फासला रखें। फिर गहरी सांस लेते हुए दोनों हाथों को कंधों के ऊपर ले जाएं और दोनों हाथेलियों को चेहरे की दिशा में रखें। अब धीरे-धीरे पंजे के बल पर उठते हुए ऐड़ियों को ऊपर उठाएंगे। अब इस मुद्रा में करीब दस सेकेंड या जितनी देर संभव हो सांस रोककर इसी मुद्रा में रहेंगे। वापस सावधान की मुद्रा में आने के दौरान सांस छोड़ते हुए इस अवस्था में आएंगे। इसे शुरुआती दौर में तीन से पांच बार दोहराएं। अभ्यास बढ़ाने पर इसे दस बार तक करें।

ताड़ासन के लाभ

  • फेफड़ों व पूरे श्वसन तंत्र के कार्य को दुरुस्त रखने में मदद करता है। साथ ही इससे जुड़ी परेशानी में आराम मिलती है।
  • रीढ़ की हड्डी में खिंचाव लाकर उससे जुड़ी समस्याओं का समाधान करता है।
  • जांघों व घुटनों को मजबूत बनाता है।
  • शारीरिक व मानसिक संतुलन विकसित करने में मदद करता है।
  • बच्चे जिनकी लंबाई समय से नहीं बढ़ रही हैं उनके लिए काफी उपयोगी है।

 

Edited By: Himanshu Dwivedi