मेरठ, जेएनएन। गणतंत्र दिवस के चलते पुलिस की सतर्कता बदमाशों पर भारी पड़ रही है। दो दिन पहले जहां सेना में भर्ती गैंग का भंडाफोड़ हुआ था, वहीं रविवार अलसुबह गोकुश हत्थे चढ़ गए। मुठभेड़ में एक गोकुश गोली लगने से घायल हो गया। गाड़ी में करीब 12 कुंतल गोमांस था, जिसे गड्ढा खोदवाकर दबवाया गया। रविवार सुबह करीब साढ़े चार बजे नौचंदी पुलिस हापुड़ अड्डा चौराहे पर चेकिग कर रही थी। इस दौरान टाटा मैजिक वाहन आता दिखाई दिया। पुलिसकर्मियों ने रुकने का इशारा किया तो चालक ने नौचंदी ग्राउंड की ओर गाड़ी दौड़ा दी। घेराबंदी होती देख एक गोकुश ने पुलिस पर फायरिग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक गोकुश को पैर में गोली लगी, जबकि दूसरे को पुलिस ने दबोच लिया। थाना प्रभारी संजय वर्मा ने बताया कि पकड़े गए गोकुशों की पहचान गांव पशुंडा थाना टीला मोड़ गाजियाबाद निवासी फरमान और गांव अजराड़ा थाना मुंडाली निवासी फैसल के रूप में हुई है। गोकुशों के कब्जे से तमंचा, कारतूस और 12 कुंतल गोमांस बरामद हुआ। आरोपितों ने सरधना के जंगल में गोकुशी की की थी और वो यहां शहर में गोमांस सप्लाई करने आ रहे थे।

चोरी के आरोपित को पुलिस ने छोड़ा : ई-रिक्शा चोरी कराने के आरोपित को पुलिस ने थाने से छोड़ दिया, जबकि उसे पीड़ित ने ही पकड़कर दिया था। सुबह पीड़ित थाने पहुंचा तो उससे पुलिस ने अभद्रता की। उसकी रिपोर्ट भी दर्ज नहीं हो रही है। उसने अफसरों से शिकायत करने की बात कही है। मेडिकल थाना क्षेत्र के भोपाल विहार निवासी राजेश ने बताया कि उसने पांच दिन पहले ई-रिक्शा खरीदी थी। शनिवार को पड़ोसी सूरज उसे चलाने के लिए लेकर गया था। उसने दो घंटे में आने के लिए कहा था, लेकिन वह नहीं आया। राजेश ने बताया कि उसे मेडिकल कालेज से पकड़ लिया और ई-रिक्शा के बारे में पूछा। उसने ई-रिक्शा चोरी होने की जानकारी दी। उन्होंने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। आरोप है कि रात में पुलिस ने उसे छोड़ दिया, जबकि उसने तहरीर भी दी थी। वहीं, थाना प्रभारी प्रमोद गौतम ने बताया कि आरोपित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। पुलिस पर लगाए आरोप गलत हैं।

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