मेरठ, [विवेक राव]। Fitness Mantra हर किसी की चाहत रहती है कि वह हमेशा युवा बना रहें। चेहरा पूरी तरह से खिला रहे। शरीर में किसी तरह की कोई बीमारी न हो। इसे हम हासिल भी कर सकते हैं। यह हमारे हाथ में है। आज के समय में जैसे ही 45 से ऊपर आयु होती है, लोगों को कई तरह की बीमारियां घेर लेती हैं। फिर इलाज के लिए डाक्टर और अस्पताल की दौड़ शुरू हो जाती है। 50 साल की आयु आते- आते बहुत से लोग एज फैक्‍टर बताते हुए खुद को बूढ़ा समझने लगते हैं। इसका असर उनके शरीर और मन दोनों पर दिखने लगता है। जबकि ऐसा नहीं है अगर हम अपनी दिनचर्या को नियमित रखें, योग और प्राणायाम करते रहें, खानपान सही रखें ताउम्र खुद को युवा रख सकते हैं। आइटीआइ साकेत से प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्‍त बनी सिंह चौहान हैं। रिटायर होने के बाद भी उन्‍होंने अपनी दिनचर्या को पूरी तरह से नियमित रखा है। जिसकी वजह से वह खुद को युवा महसूस करते हैं। उन्‍होंने अपनी दिनचर्या को साझा भी किया है।

नियमित साढ़े पांच बजे छोड़ देते हैं बिस्‍तर

बनी सिंह चौहान रिटायर होने के बाद भी अपनी दिनचर्या को बिगड़ने नहीं दिया है। सुबह साढ़े पांच वह बिस्‍तर छोड़ देते हैं। नित्‍यक्रिया के बाद वह अनुलोम-विलोम, कपालभांति, सर्वांगासन और अन्‍य सामान्‍य आसन का अभ्‍यास करते हैं। योग का अभ्‍यास उनकी दिनचर्या में पूरी तरह से शामिल है। नियमित योग से वह अपने वजन को नियंत्रित किया। बीपी, शुगर से भी खुद का बचाव किया है। तनाव दूर करने में भी योग उनके लिए उपयोगी है।

योग ही रखेगा निरोग

बनी सिंह बताते हैं कि दिनचर्या को नियमित रखने और योगाभ्‍यास करने से बढ़ती उम्र का एहसास नहीं होता है। सर्दी, जुखाम जैसी समस्‍या नहीं रही। दिन भर हर काम में उत्‍साह बना रहता है। योग दवा की तरह है। इसकी वजह से कई बीमारियों से बचाव होता है। अगर कोई रोग हो भी जाता है तो जल्‍दी ठीक हो जाता है।

सर्वांगासन से दूर होगा मोटापा

एक आसन है सर्वांगासन। इसको करने से पूरे शरीर पर प्रभाव पड़ता है। अगर आप मोटापा, शारीरिक कमजोरी, थकान, पाचन आदि की समस्‍या से ग्रस्‍त हैं तो यह आसन उपयोगी होगा। इस आसन से कद को भी बढ़ाया जा सकता है। योगगुरु कर्मवीर महाराज के अनुसार यह आसन थायराइड को भी क्रियाशील और स्‍वस्‍थ बनाता है। एक मिनट से दो मिनट तक इस आसन को किया जा सकता है।

ऐसे करें सर्वांगासन

इस आसन को करने से पहले पीठ के बल जमीन पर लेट जाए। एड़ी पंजे मिलाकर रखें। सांस भरने के बाद दोनों पैरों को धीरे- धीरे पीछे सिर की ओर झुकाते हुए कमर को ‌उपर की ओर उठाए। हाथ से पीठ को सहारा दें, इस क्रिया में श्‍वसन क्रिया सामान्‍य तरीके से रहना चाहिए। सर्वांगासन जितने समय करें, उतने समय आराम भी करना जरूरी होता है।

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