मेरठ, जेएनएन। मेरठ में दिव्यांगों को एक साल पहले एमडीए ने सपना दिखाया था कि उनके लिए विशेष पार्क बनाया जाएगा। इसका नाम भी रखा गया था अनुभूति पार्क। जगह देखी गई गंगानगर में। प्रस्ताव तैयार हुआ और टेंडर भी जारी कर दिया गया। दो करोड़ रुपये का बजट रखा गया। डेढ़ करोड़ रुपये में इसको तैयार करने को लेकर ठेकेदार तैयार भी हो गए। पर बाद में एमडीए ने धनराशि न होने से इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया।

यह प्रस्ताव था मंडलायुक्त अनीता सी मेश्राम का। तत्कालीन वीसी राजेश पांडेय के समय में यह तेजी से बढ़ा पर उनके स्थानांतरण के साथ यह भुला दिया गया। दिव्यांग अपने लिए बनाए गए खास पार्क से कुछ अनुभूति कर पाते कि इस प्रस्ताव को खिसका दिया गया। इसके पीछे दो कारण बताए गए। पहला यह कि शासन ने लाकडाउन में अर्थव्यवस्था को देखते हुए सिर्फ अति आवश्यक कार्य करने की ही अनुमति थी बाकी कार्य रोकने को कहा था।

दूसरा कारण यह बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में शासन से धन नहीं मिल रहा है और उसे बनाना भी जरूरी है, इसलिए जब तक आवास तैयार नहीं हो जाते तब तक अवस्थापना निधि से कोई विशेष कार्य नहीं किया जाएगा।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021