मेरठ, जेएनएन। मेरठ जिले की टॉपर आयुषी राज का कहना है कि परीक्षा की तैयारी के दौरान वह हर पेज पर टॉपिक के मुख्य बिंदु को लिख लेती थी। इससे मुख्य चीजें याद होती रहीं। परीक्षा में इसका फायदा मिला। स्कूल के अलावा चार घंटे नियमित पढ़ती थी, परीक्षा के दौरान आठ से नौ घंटे पढ़ाई की।

नाम- आयुषी राज

स्कूल- दीवान पब्लिक स्कूल, वेस्ट एंड रोड

कक्षा-12वीं ह्यूमेनिटीज

रिजल्ट- 99.20 फीसद, 496/500

जिले में स्थान - प्रथम

मार्कशीट- अंग्रेजी-100, राजनीति विज्ञान -99, भूगोल-100, इतिहास-100, गृह विज्ञान-93

क्‍या कहती हैंं आयुषी

कोविड की वजह से भूगोल और होमसाइंस की परीक्षा नहीं हो पाई थी। इन विषयों की पूरी तैयारी थी। प्री-बोर्ड में दोनों विषय में 100-100 नंबर मिले थे। इसलिए उम्मीद के अनुसार ही सभी विषयों में अंक मिले हैं। अन्य पेपर भी अच्छे हुए थे। टॉपर बनने के विषय में नहीं सोचा था। मैंने किसी भी विषय में कोचिंग नहीं की है। मेरा मानना है कि सेल्फ स्टडीज से बेहतर कुछ नहीं है। पढ़ाई के दौरान स्कूल में शिक्षकों ने पूरा गाइड किया। परीक्षा की तैयारी के दौरान मैं हर पेज पर टॉपिक के मुख्य बिंदु को लिख लेती थी।

चार घंटे नियमित पढ़ाई 

इससे मुख्य चीजें याद होती रहीं। परीक्षा में इसका फायदा मिला। स्कूल के अलावा चार घंटे नियमित पढ़ती थी, परीक्षा के दौरान आठ से नौ घंटे पढ़ाई की। आगे मुझे सिविल सेवा में जाना है। कक्षा छठी से ही मैंने सिविल सेवा में जाने के विषय में सोच लिया था। इसकी वजह से 11वीं में आट्र्स लिया। आगे मैं डीयू में प्रवेश लूंगी, फिर तैयारी करूंगी। मेरे पिता राजीव राज खाद्य सुरक्षा अधिकारी हैं, जो मुजफ्फरनगर में तैनात हैं। मां अंजू रानी आर्य कन्या इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल हैं।

सक्सेस मंत्र-

- सेल्फ स्टडीज पर पूरी तरह से फोकस किया।

- मेरे पास मोबाइल नहीं रहा है। इससे पढ़ाई के दौरान ध्यान इधर- उधर नहीं भटका।

-खुद के नोट्स बनाना जरूरी है। इससे विषय को अच्छे से समझने में मदद मिली। 

Posted By: Prem Bhatt

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