मऊ में अपनी भाभी से दुष्कर्म करने के मामले में दो देवरों को दस-दस वर्ष की सजा
मऊ की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने भाभी से दुष्कर्म और दहेज उत्पीड़न के मामले में दो देवरों को 10-10 साल ...और पढ़ें

मऊ में भाभी से दुष्कर्म और दहेज उत्पीड़न मामले में देवरों को 10 साल की सजा, परिवार को भी जेल।
HighLights
दो देवरों को भाभी से दुष्कर्म में दस साल की सजा।
दहेज उत्पीड़न में पति, सास, ससुर को तीन साल कारावास।
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया कठोर कारावास का फैसला।
जागरण संवाददाता, मऊ। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक अजय कुमार श्रीवास्तव ने दो देवरों को विवाहिता से दुष्कर्म और दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारने पीटने और धमकी देने के मामले में दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही कुल 51- 51 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
इसके साथ ही विवाहिता को दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारने पीटने और धमकी देने के मामले में पति, सास, ससुर को दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 31-31 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। वहीं अर्थदंड न देने पर 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मामला कोपागंज थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसारर शहर कोतवाली क्षेत्र निवासी वादिनी मुकदमा की तहरीर पर एफआइआर दर्ज हुई। आरोप है कि दहेज को लेकर उसके पति, ससुर, देवर व अन्य तथा सास उसे प्रताड़ित करती थी। आरोप था कि देवर ने उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया।
पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी अनिल कुमार पांडेय ने कुल छह गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष से दो गवाहों को पेशकर कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है।
एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने, मारने पीटने, धमकी देने का दोषी पाया। वहीं दोनों देवर को दुष्कर्म के मामले में भी दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद दुष्कर्म के मामले में 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
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