जागरण संवाददाता, मधुबन (मऊ) : फतहपुर मंडाव विकास खंड क्षेत्र के ढड़वल पटरांव ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय का बगैर निर्माण कराए ही सचिव ने 2.10 रुपये निकाल लिया। इसके साथ ही लौवासाथ में पांच लाख रुपये गबन किए जाने का मामला अभी अपने मुकाम पर नहीं पहुंचा था कि पुन: आरोपित सचिव को तीन ग्राम पंचायतों के विकास की जिम्मेदारी दे दी गई है। इससे परेशान प्रधान अब सचिव के विरुद्ध जांच कराकर कार्रवाई की मांग को लेकर शासन में गुहार लगा रहे हैं।

क्षेत्र के लौवासाथ में वित्तीय वर्ष 2018-2019 में तैनात ग्राम विकास अधिकारी ने प्रधान की जानकारी के बगैर ही 5,00,900 रुपये का अपने निजी फर्म पर आहरण कर लिया। उस समय तत्कालीन प्रधान ने ब्लाक मुख्यालय पर शिकायत किया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तत्कालीन प्रधान ने उच्चाधिकारियों का दरवाजा खटखटाया तो लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता, जिला प्रोबेशन अधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित किया गया। इसकी जांच चल ही रही थी कि बीते 2021-22 में अभी ग्राम पंचायत का गठन भी नहीं हुआ था कि संबंधित सचिव ने एक जून 2021 को ढड़वल पटरांव में सामुदायिक शौचालय के नाम पर 2.10 लाख रुपये निकाल लिये। जबकि शौचालय के निर्माण कार्य का कोई पता ही नहीं था। इसी बीच लौवासाथ प्रकरण में लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता और जिला प्रोबेशन अधिकारी के रिपोर्ट के आधार पर 18 अगस्त 2021 को संबंधित सचिव को निलंबित कर दिया गया। प्रकरण की जांच खंड विकास अधिकारी रानीपुर को सौंपी गई। सचिव के निलंबित होते ही ढड़वल पटरांव का मामला अधर में लटक गया और इसकी सुधि तक लेने की जहमत नहीं उठाया गया। इधर, सचिव को खंड विकास अधिकारी की जांच रिपोर्ट के आए बगैर ही अनंतिम बहाल करते हुए ढड़वल पटरांव के साथ ही फतहपुर मंडाव विकास खंड क्षेत्र के ही तीन ग्राम पंचायतों में पुन: तैनात कर दिया गया। ढड़वल पटरांव के प्रधान आनंद कुमार ने बताया कि सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। सचिव के निकाले गए 2.10 रुपये अभी तक ग्राम पंचायत को वापस नहीं किए गए हैं। लखनौर ग्राम पंचायत में भी लग चुका है आरोप

फतहपुर मंडाव विकास खंड क्षेत्र के लखनौर ग्राम पंचायत में भी तैनाती के दौरान ग्राम विकास अधिकारी मृत्युंजय यादव पर गबन का आरोप लग चुका है। उस समय प्रधान की जानकारी के बगैर ही लगभग 49 हजार रुपये एक निजी फर्म के खाते में भुगतान कर दिया गया। तत्कालीन प्रधान ने जब मुख्य विकास अधिकारी से इसकी शिकायत किया तो सचिव ने ग्राम पंचायत के खाते में पैसा वापस कर दिया गया था।

ढड़वल पटराव का प्रकरण मेरे संज्ञान में है। मैंने प्रधान की शिकायत पर पूरे प्रकरण की समग्र जांच रिपोर्ट जिला पंचायत राज अधिकारी को प्रेषित कर दिया है।

-नंद कुमार राय, एडीओ पंचायत फतहपुर मंडाव।

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