जागरण संवाददाता, मऊ : पश्चिमी विक्षोभ के चलते हिमालयी क्षेत्र में हुई भीषण बर्फबारी के बाद जिले के तापमान में गिरावट का दौर जारी है। मंगलवार की सुबह लोगों को कंपकंपा देने वाली गलन व भीषण कोहरे से दो-चार होना पड़ा। हाईवे पर सुबह 10 बजे तक वाहनों के पहिए रेंगते हुए चले। घर के बाहर कुछ घड़ी रहते ही लोगों की अंगुलियां जमने लग रही थीं। पालतू पशुओं से जुड़ा कार्य, कुछ देर करते ही लोग भाग कर अलाव के पास खड़ा हो रहे थे। मऊ जंक्शन पर भीषण कोहरे की वजह से अधिकांश ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटे-दो घंटे की देर से चलीं।

बीते शनिवार से ही खराब हुआ मौसम फिलहाल सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। बड़े-बुजुर्ग, बीमार हों या दुधमुंहा बच्चा पाल रही माताएं, सबके जीवन की चुनौतियां बढ़ गई हैं। घरों में पूरे-पूरे दिन अलाव जलाए रखना पड़ रहा है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में गोबर के उपले से लेकर धान की भूसी तक का इस्तेमाल किया जा रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत खेती-किसानी एवं भवन निर्माण से जुड़े मजदूरों को उठानी पड़ रही है। ठंड के चलते श्रमिकों की कार्यक्षमता घट गई है। कार्यक्षेत्र के आस-पास ही अलाव की व्यवस्था रखनी पड़ रही है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 04 डिग्री सेल्सियस एवं अधिकतम 15 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मैदानी इलाकों में भीषण कोहरे के साथ-साथ हल्की गति से हवा भी चली। दोपहर बाद सूर्यदेव के दर्शन तो हुए लेकिन ठंड व गलन के आगे सूरज की तपिश नाकाफी रही। रैनबसेरों में पहुंचने लगे इक्का-दुक्का

शहर के विभिन्न रैन बसेरों में धीरे-धीरे लोगों ने शरण लेना शुरू कर दिया है। हर रैन बसेरे में लोग रात के समय एक-दो की संख्या में रुक रहे हैं। नगर पालिका प्रशासन के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि प्रत्येक रैन बसेरे के पास ओढ़ने-बिछाने की व्यवस्था के साथ ही अलाव के भी इंतजाम करा दिए गए हैं।

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