लीड--- जांच में साबित हुआ वर्ष 2018-19 में लाखों रुपये का गबन

- पीसीएफ प्रबंधक ने मुकदमा दर्ज करने को मधुबन थाने में दी तहरीर जागरण संवाददाता, मधुबन (मऊ) : स्थानीय तहसील क्षेत्र के दुबारी स्थित साधन सहकारी समिति के सचिव द्वारा सत्र 2018-2019 में क्रय किए गए धान का फर्जी चालान बनाकर राइस मिलर को आपूर्ति दिखाकर लगभग 3.61 लाख रुपये का घोटाला करने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इस मामले की जांच के बाद घोटाला प्रमाणित होने पर पीसीएफ के प्रबंधक द्वारा सचिव के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के लिए स्थानीय पुलिस को तहरीर दी गई है।

स्थानीय पुलिस को पीसीएफ के प्रबंधक द्वारा दी गई तहरीर के मुताबिक वर्ष 2018-19 में सहकारी समिति दुबारी के सचिव द्वारा 44 किसानों से 2,133 क्विटल धान की खरीद की गई थी। इसमें से शांति राइस मिल ताजोपुर मऊ को 141.85 क्विटल व प्रताप ट्रेडिग कंपनी नेवादा गोपालपुर को 1787.15 क्विटल धान की आपूर्ति की गई। शेष खरीद किए गए 204 क्विटल धान का लगभग 3.61 लाख रुपये का फर्जी चालान के माध्यम से प्रताप ट्रेडिग कंपनी नेवादा गोपालपुर को आपूर्ति दिखा कर गोलमाल कर दिया गया। जब इसकी जानकारी प्रताप ट्रेडिग कंपनी नेवादा गोपालपुर के प्रोपराइटर को हुई तो उसने  इसकी शिकायत जिला प्रबंधक पीसीएफ मऊ से की। इसको गंभीरता से लेते हुए प्रबंधक पीसीएफ ने सचिव साधन सहकारी समिति से स्पष्टीकरण मांगते हुए नोटिस जारी किया। पूरे मामले जांच हुई। इसमें बाद अधिकारियों की जांच में  सचिव द्वारा धान क्रय करने में अनियमितता पाई गई। इसके बाद प्रबंधक ने स्थानीय थाने में तहरीर दिया है।

Posted By: Jagran

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