जागरण संवाददाता, रतनपुरा (मऊ) : क्षेत्र के मड़ैली बढ़नपुरा में बसी अस्थायी आध्यात्मिक नगरी बुधवार को गुलजार हो उठी। हर तरफ से चले आ रहे भक्तों के दो-दो कदम शाम होते-होते हजारों में बदल गए। वहां जयगुरुदेव मिशन के छह दिवसीय राष्ट्रीय संत समागम का आयोजन किया गया है। बुधवार की शाम को सत्संग स्थल से शोभायात्रा निकाली गई तो क्षेत्र के तीन किलोमीटर की दूरी में केवल सड़कों पर केवल नरमुंड ही दिखाई दे रहे थे। सड़कों पर उमड़े आस्था के इस जनसैलाब को देख लोग अभिभूत हो उठे। पूरा क्षेत्र जयगुरुदेव लिखे सफेद झंडों से सजी मोटर साइकिलों और चार पहिया वाहनों तथा बड़ी संख्या में पैदल लोगों से अटा पड़ा था। वातावरण 'जयगुरुदेव नाम परमात्मा का है', 'कलयुग में सतयुग आ रहा है' आदि उद्घोषों से गूंज रहा था।

समागम स्थल मड़ैली से शाम लगभग 3:00 बजे शोभायात्रा चली। इस यात्रा में हजारों स्त्री-पुरुष युवा, बाल, वृद्ध सभी आयु वर्ग के लोग शामिल थे। शोभायात्रा जिन मार्गो से गुजरी, वहां लोगों ने उस शोभायात्रा को रोक कर उसका स्वागत किया। संस्था के प्रमुख रतनजी महाराज एक सुसज्जित रथ पर सवार थे। इस रथ के आगे सैकड़ों चार पहिया वाहन तथा उसके आगे सैकड़ों मोटरसाइकिलें चल रही थीं। रथ के पीछे सैकड़ों की भीड़ पैदल उद्घोष करते हाथों में सफेद झंडा लिए चली जा रही थी तो उसी में सिर पर कलश लिए भक्ति भाव से धीरे-धीरे चली जा रही महिला भक्तों की टोली भी शामिल थी। रतनजी महाराज रास्ते में जगह-जगह लोगों को दर्शन देते आ रहे थे। इस दौरान रतनजी ने सड़क के किनारे खड़े भक्तों को दर्शन देते हुए अपने हाथों से प्रसाद बांटा। इसे पाकर भक्त अभिभूत हो उठे। पूरा माहौल जयगुरुदेवमय हो गया था। सुरक्षा की थी चौकस व्यवस्था

शोभायात्रा को सुचारू रूप से शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए पुलिस की व्यापक व्यवस्था की गई थी। सीओ मधुबन श्वेता ओझा खुद बड़ी संख्या में पुलिस बल का नेतृत्व कर रही थीं। जिस समय जुलूस गुजर रहा था लखनऊ-बलिया मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों को रोक दिया गया था।

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