जागरण संवाददाता, चिरैयाकोट (मऊ) : 13 मार्च 2017 में  छत्तीसगढ़ के सुकमा में क्षेत्र के भेड़ियाधर का लाल धर्मेंद्र यादव  शहीद हुए थे। प्रदेश सरकार ने शहीद की याद में पांच करोड़ की लागत से तीन सड़कों के निर्माण का एलान किया। करोड़ों की लागत से बनने वाली यह सड़कें भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। आरइएस यानि ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अधिकारियों की मिलीभगत और ठेकेदार की सत्तामें मजबूत पैठ के कारण  सभी आंखें मूंदे हैं। आलम यह है कि रायपुर से भटौली मार्ग दो दिन पूर्व पिच किया गया है परंतु एक दिन बाद ही नवनिर्मित सड़क की गिट्टियां उखड़ने लगी हैं। सड़क पर गिट्टियों का ढ़ेर लग गया है।

सड़क निर्माण में गिट्टी बिछाने से लेकर पिच डालने तक काफी घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया। इसके चलते सड़क एक एक दिन भी नहीं चल पाई, सड़क की गिट्टियां बिखरने लगी। ग्रामीणों का कहना है कि जब इसकी शिकायत विभागीय जेई से की गई तो उसने ग्रामीणों को सड़क पर 10 दिन बाद चलने की सलाह दी। इसको लेकर आक्रोश है। 

 लोकसभा चुनाव पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी कि शहीदों के घर जाने वाली सड़कें सरकार बनवाएगी। इसके लिए पांच करोड़ रुपये भी आवंटित किए गए। पांच करोड़ की लागत से तीन सड़कें बड़हलगंज पुलिया नहर मार्ग  से सचुई पुलिया तक, दूसरी सड़क शहीद के गांव भेड़ियाधर नहर पुलिया से शहीद के घर तक आरसीसी सड़क तथा तीसरी सड़क रायपुर बाजार से भटौली नहर पुलिया तक बननी थी। इसका शिलान्यास विधायक श्रीराम सोनकर ने किया था। तीनों सड़कों पर घटिया सामग्री प्रयोग किए जाने और निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती गई है। सड़क बनाने में घ् ाटिया सामग्री का उपयोग तो किया ही जा रहा है, वहीं निर्माण मानक को ताक पर रख कर हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह शहीद के नाम पर छल है। विनय राम, श्याम सुंदर राम, हरिनाथ प्रजापति, सोनू, विवेक यादव, रवि यादव, जितेंद्र पासवान आदि ने कहा कि घटिया निर्माण शहीद के नाम पर अपमान है। अगर सड़क का निर्माण मानक के अनुरूप नहीं हुआ तो ग्रामीण धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।

Posted By: Jagran

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