जागरण संवाददाता, वलीदपुर (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना नगर के प्रतिष्ठित टाइल्स व्यवसायी के पुत्र को एक अपराधी द्वारा रंगदारी के मामले में जानलेवा हमला किया गया था। इसमें पुलिस उसके संभावित स्थानों पर छापेमारी कर रही थी परंतु वह पुलिस की डर से प्रयागराज में आत्मसमर्पण कर दिया। उसका का बयान लेने के लिए विवेचक ने जनपद न्यायालय में रिमांड हेतु प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर न्यायालय के आदेश पर गुरुवार को आरोपित को नैनी जेल से कोतवाली लाया गया। यहां पुलिस ने पूछताछ कर उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त अवैध पिस्टल को बरामद कर लिया।

23 अगस्त की सुबह रंगदारी नहीं दिए जाने पर अपराधियों ने टाइल्स व्यवसाई दरबारी लाल जायसवाल के बड़े पुत्र अमर जायसवाल को पैर में गोली मारकर बुरी तरह से जख्मी कर दिया था। इससे परिजनों में डर दहशत का माहौल उत्पन्न हो गया। घटना में शामिल आरोपित सीसी कैमरे में कैद हो गए थे। इससे पुलिस प्रशासन ने घटना का तत्काल अनावरण कर दिया। इसमें दरबारी लाल की तहरीर पर कोतवाली के बरडीहा निवासी ताड़क यादव एवं जीयनपुर आजमगढ़ कोतवाली क्षेत्र के अजगरा निवासी मोनू यादव को आरोपित किया गया था। इसमें पुलिस ने ताड़क को तुरंत गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया था परंतु मुख्य आरोपित शातिर अपराधी मोनू यादव फरार हो गया था। पुलिस उसके संभावित स्थानों पर रात-दिन छापेमारी कर रही थी। इसको पकड़ने के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा चार टीमें गठित किया गया था। पुलिस के इस दबाव को देखते हुए आरोपित ने प्रयागराज में अपने किसी पुराने मुकदमें में अपने को कोर्ट में आत्म समर्पण कर दिया। यहां के मुकदमें की विवेचना कर रहे कस्बे के चौकी प्रभारी अजय त्रिपाठी ने जनपद न्यायालय को अर्जी दिया था। इस पर कोर्ट ने उनके प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए आरोपित को रिमांड पर देने के लिए आदेश दिया था। पुलिस ने घटना के बारे में पूछताछ कर बरडीहा गांव से टिपक्काबाद आने वाले मार्ग पर स्थित एक पुलिया के नीचे छुपाकर रखे गए पिस्टल को उसकी निशानदेही पर बरामद कर लिया। शातिर मोनू यादव के ऊपर मऊ जनपद के अलावा बलिया, गाजीपुर, आजमगढ़ व जौनपुर जनपदों में भी कई मुकदमें दर्ज हैं। 

Posted By: Jagran

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