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अब आंखों के रेटिना और फिंगरप्रिंट मैच न होने पर भी मिलेगा राशन, मऊ में कार्डधारकों को बड़ी राहत

Published: Mon, 12 Oct 2026 02:59 PM (IST)

मऊ में अब वृद्ध राशन कार्डधारकों को बायोमेट्रिक सत्यापन में दिक्कत होने पर OTP के माध्यम से खाद्यान्न मिलेगा। यह ...और पढ़ें

अब आंखों के रेटिना और फिंगरप्रिंट मैच न होने पर भी मिलेगा राशन।

अब आंखों के रेटिना और फिंगरप्रिंट मैच न होने पर भी मिलेगा राशन।

HighLights

  1. बायोमेट्रिक समस्या वाले वृद्धों को OTP से मिलेगा राशन।

  2. जिला पूर्ति विभाग ने पारदर्शिता हेतु यह व्यवस्था की।

  3. मऊ के लाखों राशन कार्डधारकों को मिलेगी सुविधा।

जागरण संवाददाता, घोसी (मऊ)। उम्र के असर से अंगुलियों के निशान मिट गए हैं या आंखों के रेटिना के कारण बायोमैट्रिक सत्यापन नहीं हो पा रहा है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। ऐसे वृद्ध राशन कार्डधारकों को अब ओटीपी के माध्यम से खाद्यान्न मिल सकेगा।

नवरात्र व दीपावली के मद्देनजर जिला पूर्ति विभाग ने राशन वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के साथ ही बुजुर्ग लाभार्थियों को राहत देने की व्यवस्था की है। विभाग ने सभी उचित दर विक्रेताओं को पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार खाद्यान्न उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

लापरवाही मिलने पर संबंधित कोटेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। जिले में कुल 3,86,993 राशन कार्डधारक हैं। इनमें 56,594 अंत्योदय व 3,30,399 पात्र गृहस्थी कार्डधारक शामिल हैं। खाद्यान्न वितरण के लिए जिले में 1,015 उचित दर विक्रेता हैं। इनमें 776 ग्रामीण व 239 नगरीय क्षेत्रों में कार्यरत हैं। भारतीय खाद्य निगम से निर्धारित मार्गों के जरिए ट्रकों द्वारा कोटेदारों तक खाद्यान्न पहुंचाया जाता है।

अंत्योदय कार्डधारकों को प्रत्येक माह 10 किलोग्राम गेहूं व 25 किलोग्राम चावल दिया जाता है। वहीं पात्र गृहस्थी कार्ड पर प्रति यूनिट एक किलोग्राम गेहूं व चार किलोग्राम चावल मिलता है।

इसके अलावा अंत्योदय कार्डधारकों को प्रत्येक तीन माह में तीन किलोग्राम चीनी 54 रुपये में दी जाती है। राशन प्राप्त करने के लिए परिवार के मुखिया अथवा किसी सदस्य का बायोमीट्रिक सत्यापन जरूरी है।

हालांकि वृद्ध लाभार्थियों के अंगुलियों के निशान स्पष्ट नहीं आने या रेटिना संबंधी समस्या के कारण सत्यापन में दिक्कत होती है। ऐसे मामलों में मोबाइल पर ओटीपी भेजकर सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद उन्हें खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा।

राशन विरतण में पारदर्शिता लाने के लिए कोटेदारों को निर्देशित किया गया है। वृद्धावस्था में अंगुलियाें के निशान मिट जाने एवं आंखों के रेटिना के कारण सत्यापन नहीं हो पाता है ऐसे में ओटीपी से सत्यापन होने से राशन लेने में परेशानी नही होगी। -राघवेंद्र कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी।

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