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अब शुरू करें खुद का बिजनेस! पोल्ट्री फार्म खोलने पर सरकार दे रही 70 लाख का लोन, 5 साल तक ब्याज में भी मिलेगी राहत

Published: Wed, 12 Aug 2026 07:10 PM (IST)

मऊ में व्यावसायिक मुर्गी पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार 10,000 पक्षियों वाले लेयर फार्म पर बैंक ऋण के ब्याज में राहत दे रही है।

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है

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HighLights

  1. 10,000 पक्षियों के लेयर फार्म पर ब्याज प्रतिपूर्ति।

  2. स्टांप ड्यूटी और 10 साल बिजली शुल्क में छूट।

  3. मऊ में बड़े पैमाने पर अंडा उत्पादन को बढ़ावा।

जागरण संवाददाता, मऊ। मुर्गी पालन को व्यावसायिक रूप देकर अंडा उत्पादन का बड़ा कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे युवाओं व पशुपालकों के लिए अच्छी खबर है। जनपद में 10 हजार पक्षियों की क्षमता वाले कॉमर्शियल लेयर फार्म की स्थापना के लिए सरकार की ओर से बैंक ऋण पर ब्याज प्रतिपूर्ति की सुविधा दी जा रही है।

योजना के तहत परियोजना लागत का 70 प्रतिशत तक बैंक ऋण एवं 30 प्रतिशत लाभार्थी का अंश निर्धारित किया गया है। इच्छुक उद्यमी बड़े स्तर पर अंडा उत्पादन की इकाई स्थापित कर सकते हैं।

दस हजार लेयर पक्षियों की क्षमता वाली इकाई की अनुमानित परियोजना लागत करीब एक करोड़ रुपये मानी गई है। इस पर लगभग 70 लाख रुपये तक बैंक ऋण एवं लगभग 30 लाख रुपये लाभार्थी को अपने अंश के रूप में लगाने होंगे।

बैंक से लिए गए ऋण पर पांच वर्ष तक सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज की प्रतिपूर्ति सरकार द्वारा किया जाएगा। इससे शुरुआती वर्षों में उद्यमी पर पड़ने वाला ब्याज का बोझ काफी कम हो सकता है।

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एक एकड़ जमीन जरूरी, स्टांप ड्यूटी में छूट

लेयर फार्म स्थापित करने के लिए कम से कम एक एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। नीति के तहत इकाई की स्थापना के लिए खरीदी गई या पट्टे पर ली गई भूमि पर 100 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी छूट का प्रावधान भी बताया गया है। इसके अलावा इकाई को 10 वर्ष तक बिजली ड्यूटी में छूट का लाभ मिल सकता है। इससे फार्म की स्थापना एवं संचालन लागत को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

दस हजार मुर्गियों का लेयर फार्म खोलने के लिए उद्यमियाें को आमंत्रित किया गया है। इसका उद्देश्य जनपद में बड़े स्तर पर अंडा उत्पाद को बढ़ावा देना है। अभी तक कोई आवेदन नहीं मिला है लेकिन कोई आवेदक आता है तो उसकी पूरी सहायता विभाग द्वारा की जाएगी।

                                                       डॉ. आरबी चौरसिया, उप मुख्य चिकित्याधिकारी मऊ