मऊ में फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता खत्म, सीधे रजिस्ट्रेशन करा धान बेच सकेंगे किसान
मऊ में धान बिक्री के लिए फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। अब किसान सीधे पोर्टल पर पंजीकरण कराकर क्रय केंद्रों पर धान बेच सकेंगे।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
धान बिक्री के लिए फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई।
किसान अब सीधे पोर्टल पर पंजीकरण कराकर धान बेच सकेंगे आसानी से।
यह व्यवस्था किसानों की सहूलियत और खरीद बढ़ाने को है।
जागरण संवाददाता, मऊ। क्रय केंद्रों पर धान बिक्री को लेकर फार्मर रजिस्ट्री के तहत पंजीकरण कराने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। किसान बिना फार्मर रजिस्ट्री के ही पोर्टल पर पंजीकरण कराकर क्रय केंद्रों पर धान बेच सकेंगे।
इस नई व्यवस्था की जानकारी विपणन विभाग के कर्मी गांवों में जाकर किसानों को दे रहे हैं। इससे किसानों को पंजीकरण कराने में सहूलियत मिलेगी।
जिले में 3.03 लाख किसानों द्वारा 78,247 हेक्टेयर में धान की खेती की गई है। कृषि विभाग द्वारा 245.599 एमटी धान उत्पादन की संभावना जताई गई है। इसके अनुसार विपणन विभाग द्वारा धान खरीद के लिए 50 केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर एक नवंबर से धान की खरीद शुरू भी कर दी गई है।
पिछले वर्ष 53 हजार टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इस वर्ष 62 हजार टन का लक्ष्य रखा गया है। पिछले वर्ष की अपेक्षा नौ टन की बढ़ोतरी लक्ष्य में की गई है। क्रय केंद्रों पर धान की बिक्री के लिए अब तक 750 किसानों ने पंजीकरण कराया था।
पंजीकरण के लिए फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य किया गया था। इसके कारण किसानों को काफी परेशानी हो रही थी और किसान पंजीकरण नहीं करा पा रहे थे।
पंजीकरण की रफ्तार धीमी होने से लक्ष्य की पूर्ति को लेकर संकट पैदा हो गया था। पंजीकरण बढ़ाने और लक्ष्य के सापेक्ष धान की खरीद के लिए फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता खत्म कर सीधे पंजीकरण कराने की व्यवस्था लागू कर दी गई है।
शासन स्तर से धान क्रय नीति में संशोधन किया गया है। पूर्व में फार्मर रजिस्ट्री के तहत पंजीकरण की व्यवस्था लागू की गई थी। जिसे अब समाप्त कर पुरानी व्यवस्था लागू की गई है। -विनय प्रताप सिंह, जिला विपणन अधिकारी।