मऊ में हर सप्ताह कस्तूरबा विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे बीईओ, रिपोर्ट में लापरवाही बरतने पर होगी कार्रवाई
मऊ में बेसिक शिक्षा विभाग अब कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की व्यवस्था सुधारने के लिए सख्त हो गया है। ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
बीईओ को सप्ताह में एक बार कस्तूरबा विद्यालयों का निरीक्षण अनिवार्य।
निरीक्षण रिपोर्ट ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यम से भेजनी होगी।
रिपोर्ट में लापरवाही पर अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
जागरण संवाददाता, मऊ। बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं में लापरवाही एवं विद्यालयों की बदहाल व्यवस्था पर अब सख्ती की जाएगी। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की नियमित निगरानी के लिए प्रत्येक खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को सप्ताह में एक बार निरीक्षण करना अनिवार्य होगा।
निरीक्षण के बाद संबंधित बीईओ को अपनी रिपोर्ट ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों माध्यमों से सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) आजमगढ़ मंडल को भेजनी होगी। रिपोर्ट देने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सहायक शिक्षा निदेशक ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने को कहा है। विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति एवं छात्र संख्या की निगरानी भी सख्ती से होगी। स्कूल खुलने के 15 मिनट के भीतर बीईओ को पहला निरीक्षण करना होगा।
कम छात्र उपस्थिति वाले और मानक से अधिक शिक्षक तैनात विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी। अनुपस्थित शिक्षकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश है। केवल वेतन रोककर बाद में बहाल कर देना पर्याप्त नहीं माना जाएगा।
कायाकल्प से लेकर पीएम पोषण तक होगी समीक्षा
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत प्रत्येक विद्यालय से हर महीने डीसीएफ भरवाकर 19 पैरामीटर पर वास्तविक जरूरतों का आकलन किया जाएगा। टाइल्स, बाउंड्रीवाल व फर्नीचर जैसे बड़े कार्यों के लिए ब्लॉक स्तर पर अंतरविभागीय समन्वय से कार्ययोजना बनेगी।
पीएम पोषण योजना में कन्वर्जन कास्ट व रसोइयों का मानदेय अनुदान मिलते ही खातों में भेजना होगा। सहायता प्राप्त विद्यालयों में खाद्यान्न व कन्वर्जन कास्ट का आवंटन बीईओ के सत्यापन के बाद वास्तविक उपभोग के आधार पर होगा। जर्जर विद्यालयों को ध्वस्त कर मलबा हटाने व परिसर सुरक्षित बनाने पर भी जोर दिया गया है।
