जागरण संवाददाता, मधुबन (मऊ) : प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की भूमि समतल करने और घर पटाई के लिए मिट्टी निकालने में प्रदान की गई सहुलियत की आड़ में अवैध मिट्टी खनन का कारोबार फल-फूल रहा है। स्थानीय तहसील क्षेत्र में दिन-रात दर्जनों जेसीबी मशीन लगाकर धरती का सीना चाक कर मिट्टी बेचने का कारोबार धडल्ले से किया जा रहा है। जानकारी के बावजूद भी प्रशासन मुकदर्शक बन अवैध कारोबार को बढ़ावा देने में जुटा है।

प्रदेश में अवैध बालू व मिट्टी खनन पर कड़े प्रतिबंध के चलते ऐसे किसानों को भी प्रशासनिक कार्रवाई का खामियाजा भुगतना पड़ता था। जो अपने खेत को समतल कराने या अपने घर की पटाई कराने के लिए अपने खेत से 10-20 ट्राली मिट्टी निकलवाते थे। इसका संज्ञान लेकर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए कुछ सहुलियत प्रदान करने का फरमान जारी किया था। इसकी आड़ लेकर स्थानीय तहसील क्षेत्र में जेसीबी मशीन दिन-रात दर्जनों ट्रैक्टर-ट्राली के माध्यम से बगैर रायल्टी जमा किए और बगैर अनुमति लिए गांव-गांव में खनन कराकर महंगे दाम पर मिट्टी बेचने का काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं सरकारी भूमि को भी निशाना बनाने से नहीं चुक रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह कि खनन करते समय खनन माफिया भूमि की गहराई का भी ध्यान नहीं रख रहे हैं। कहीं-कहीं 10 से 12 फीट तक मिट्टी निकालकर गहरा कर दे रहे हैं और मजेदार बात यह है कि यह सब कुछ पुलिस प्रशासन के आगे खुल्लम-खुल्ला दिनदहाड़े चल रहा है लेकिन आर्थिक लाभ के चक्कर में पुलिस कार्रवाई से बच रही है।

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