जागरण संवाददाता, मऊ : अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक रामराज ने चिरैयाकोट थाना क्षेत्र में विवाहिता की हुई गैर इरादतन हत्या के मामले में आरोपित पति अलीपुर बेहरवार निवासी बृजेश कुमार को आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना जमा होने पर उसका 50 फीसदी वादी मुकदमा को अदा करने का आदेश दिया। वहीं जुर्माना न जमा होने पर दो माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

पति को कोर्ट ने बुधवार को दोषी करार दिया था। न्यायालय ने गुरुवार को आरोपित को जेल से तलब कर सजा के प्रश्न पर सुनवाई कर सजा सुनाई। रानीपुर थाना क्षेत्र के फत्तेपुर निवासी वादी मुकदमा अनिल कुमार की बहन पुष्पा का 10 वर्ष पूर्व प्रेम विवाह आरोपित बृजेश के साथ हुआ था। पुष्पा की लाश पोखरी से बरामद की गई थी। मृत्यु के पूर्व मृतका के शरीर पर आई चोटों का स्पष्टीकरण बचाव पक्ष नहीं दे सका। वादी का आरोप था कि उसकी बहन को बराबर मारापीटा जाता था तथा शव को आनन-फानन में जलाने का प्रयास किया गया। इस मामले में अभियोजन की तरफ से कुल 11 गवाहों को अदालत में परीक्षित कराकर एडीजीसी राजेश पांडेय व राणा प्रताप सिंह ने संदेह से परे साबित कराया। न्यायाधीश ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य की गहन समीक्षा व बचाव व अभियोजन के तर्कों को सुनकर आरोपित को गैर इरादतन हत्या का आरोप साबित पाते हुए सजा सुनाई।

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