जागरण संवाददाता, दोहरीघाट (मऊ) : घाघरा का जलस्तर एकाएक बढ़ने के बाद अब घटाव पर है। अवराडांड़ में जलस्तर 70.26 मीटर पर आ गया है जबकि खतरा बिदु 70.40 मीटर है। यानि नदी खतरे के निशान से 14 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। अब नदी के घटते जलस्तर से कटान का खौफ लोगों को खाए जा रहा है। जैसे-जैसे नदी का जलस्तर कमजोर होगा, वैसे-वैसे कटान तेज होगी।

हालांकि घाघरा का जलस्तर घट जाने से लोगों ने बाढ़ की विभीषिका से राहत की सांस ली है लेकिन घाघरा जानकीघाट पर कु²ष्टि बनाई हुई है। इसके चलते जानकी घाट के समीप कटान हो सकता है। सिचाई विभाग द्वारा 510 मीटर का प्रोजेक्ट अभी खटाई में है। उस पर पूरा काम नहीं हुआ है। मानक के अनुरूप काम नहीं हो रहा है। शासन और विभाग द्वारा बनाए गए मानक के अनुरूप अगर काम हुआ तो मुक्तिधाम का अस्तित्व बच जाएगा। नहीं तो कटान हुई तो अस्तित्व खत्म हो जाएगा। मौके पर तैनात जेपी यादव ने बताया कि प्रोजेक्ट के अनुसार अक्टूबर तक कार्य पूरा हो जाना चाहिए। जो भी इस समय क्षतिग्रस्त हो रहा है उसे ठेकेदार द्वारा पूरा कराया जाएगा। जो भी हो शासन ने 10 करोड़ 73 लाख रुपया इस प्रोजेक्ट पर मंजूर किया है। अगर प्रोजेक्ट का कार्य मानक के अनुरूप हुआ तो मुक्तिधाम पर कटान नहीं होगी। फिर भी खाकी बाबा के कुटी से देवस्थान तक कटान की संभावना बढ़ गई है। श्मशान घाट के दक्षिण तरफ भी घाघरा की बाढ़ ने लगाए गए पत्थरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप