सूर्यकांत त्रिपाठी, मऊ :

पूर्वी उत्तर प्रदेश ने दशकों बाद किसी सरकार के कार्यकाल में विकास के ऐतिहासिक परिवर्तनों का दीदार किया है। वाराणसी सिटी रेलवे स्टेशन से भटनी तक जहां अब बिजली से चलने वाली ट्रेनें फर्राटा भर रही हैं, वहीं वाराणसी से गोरखपुर यानि दो बड़े शहरों के बीच रेल सफर का वक्त घटाने के लिए ट्रैक के दोहरीकरण की योजना भी धरातल पर उतर चुकी है। फिलहाल दूसरी लाइन बिछाने के लिए मिट्टी पाटकर पैड तैयार करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

दोहरीकरण कार्य के मद्देनजर औड़िहार जंक्शन से लेकर भटनी तक मार्ग में पड़ने वाले सभी स्टेशनों पर आधारभूत संरचना में आंशिक परिवर्तन का कार्य चल रहा है। कहीं तीव्र गति से चलने वाली ट्रेनों के मद्देनजर पहले से तैयार ट्रैक को दुरुस्त किया जा रहा है तो कहीं भवन निर्माण से संबंधित कार्य कराए जा रहे हैं। डीसीआइ सिरनाम सिंह ने बताया कि रेलवे विकास निगम लिमिटेड की ओर से सभी स्टेशनों पर भवन निर्माण संबंधी कार्य लगभग 60 फीसद तक पूरे कर लिए गए हैं। उधर, वाराणसी सिटी से औड़िहार जंक्शन तक दोहरीकरण का कार्य पहले ही पूरा है। मऊ जंक्शन से इंदारा जंक्शन के बीच एक दशक से डबल लाइन बिछी हुई है। दोहरीकरण के बाद इस रेलवे ट्रैक पर न सिर्फ ट्रेनें बढ़ेंगी बल्कि मऊ से वाराणसी और गोरखपुर जाने में लगने वाला समय आधा से भी कम हो जाएगा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष उमाशंकर ओमर ने कहा कि विद्युतीकरण और दोहरीकरण का फायदा पूरे पूर्वांचल को तो होगा ही सबसे बड़ा फायदा मऊ की व्यापारिक गतिविधियों को होगा।

=====

लाकडाउन के दौरान ही औड़िहार से भटनी लाइन के विद्युतीकरण का कार्य पूरा करके अगस्त माह से बिजली की ट्रेनें चलाई जा रही हैं। दोहरीकरण का कार्य चल रहा है। जल्द से जल्द दोहरीकरण कार्य पूरा करना रेलवे की प्राथमिकता में है। मिट्टी से पैड तैयार करने का कार्य गतिमान है।

- अशोक कुमार, पीआरओ, वाराणसी मंडल।