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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूपी चुनाव 2017 : मऊ रैली में है मोदी पर हमले की आशंका

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Sun, 26 Feb 2017 04:58 PM (IST)Updated: Mon, 27 Feb 2017 01:57 PM (IST)

आशंका है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले पर राकेट लांचर या फिर विस्फोटक से हमला किया जा सकता है।

यूपी चुनाव 2017 : मऊ रैली में है मोदी पर हमले की आशंका
यूपी चुनाव 2017 : मऊ रैली में है मोदी पर हमले की आशंका

मऊ (जेएनएन)। आशंका है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिला पर राकेट लांचर या फिर विस्फोटक से हमला किया जा सकता है। एएसपी ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में आतंकी संगठन बेहद सक्रिय हैं। पाकिस्तान में बैठे आतंकी पूर्वी उत्तर प्रदेश के आतंकी संगठन के साथ मिलकर इस काम को अंजाम दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र से पिछले दिनों लश्कर ए तैयबा व आईएसआई से जुड़े आतंकियों को पकड़ा गया था। ऐसे में वर्तमान में इन क्षेत्रों में ऐसो लोंगो की उपस्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता है।

अधिकारियों को संदेह है कि पीएम मोदी को गुजरात के पूर्व गृह मंत्री के फरार हत्यारों से भी खतरा है। पुलिस को संदेह है कि रसूलपती और उसके दो सहयोगी जो पाकिस्तान में बैठे है वह प्रधानमंत्री के काफिले पर रॉकेट लांचर से या विस्फोटक से हमला करने की योजना बना रहे हैं। मऊ साम्प्रदायिक दृष्टी से अतिसंवेदनशील है। ऐसे में जनपद मऊ और इससे सटा हुआ क्षेत्र अंडरवर्ल्ड और अंतर्राष्ट्रीय अपराधियों के लिये एक सुरक्षित स्थान हो सकता है, जिसमें खूंखार आतंकवादियों के जत्थे के घुसने को इनकार नहीं किया जा सकता है। इस गुप्त सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए है। सुरक्षा एजेंसियों से लेकर पुलिस प्रशासन पीएम के इस दौरे पर खास नज़र रख रहा है।

प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर थल से नभ तक व्यवस्था 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर आतंकी हमले की आशंका को देखते हुए यहां होने वाली चुनावी रैली में थल से नभ तक सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है। सुरक्षा को लेकर प्रशासन, वायुसेना के अधिकारी व एसपीजी के जवान पूरे दिन सक्रिय रहे। हेलीपैड से लेकर सभास्थल और मंच की कई चक्रों में चेकिंग की गई। सुरक्षा व्यवस्था के नोडल अधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक रवींद्र कुमार सिंह ने बताया कि चूंकि प्रधानमंत्री के ऊपर अनेक आतंकी संगठनों से खतरे हैं, इसलिए उन्हें काफी उच्च श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था दी गई है।
इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में लगने वाले सुरक्षा अधिकारियों और जवानों की ब्रीफिंग भी की। बताया कि पीएम का कार्यक्रम स्थल जहां एसपीजी के घेरे में रहेगा, वहीं आसमान से वायुसेना के हेलीकाप्टर भी पूरे इलाके पर नजर बनाए रखेंगे। चूंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर लश्करे तैयबा, आइएसआइ जैसे आतंकी संगठनों के हमलों की आशंका बनी रहती है। उनके ऊपर राकेट लांचर से भी आतंकी हमला हो सकता है, इसलिए थल से नभ तक सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है।
अधिकारी भी मुस्तैद 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा के लिए अधिकारियों ने डेरा डालना प्रारंभ कर दिया है। शनिवार को एसपीजी के साथ वायुसेना के अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। एक आइजी व डीआइजी ने जनसभा स्थल को भ्रमण कर तैयारियों का हाल लिया। दौरान सुरक्षा का ध्यान रखते हुए यथोचित निर्देश दिया। इस बीच दोपहर बाद पीएम के उडऩखटोला उतरने से पूर्व हेलीपैड पर हेलीकाप्टर का परीक्षण किया गया। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छठे चरण के चुनाव प्रचार में सबसे पहले मऊ को जिले का चयन किया है। भुजौटी में इस जनसभा के लिए प्रधानमंत्री का आगमन दिन में 12 बजे से प्रस्तावित है। दोपहर 1.30 वह सभा स्थल पर पहुंच जाएंगे। सभा में दो लाख लोगों के पहुंचने की संभावना है। भाजपा राष्ट्रीय संगठन मंत्री व प्रदेश सह प्रभारी रामेश्वर चौरसिया ने बताया कि जनसभा में जिले के चार विधानसभा क्षेत्र के साथ आजमगढ़ के तीन, गाजीपुर के दो व बलिया के एक विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ता सम्मिलित होंगे। पीएम की जनसभा में माऊरबोझ से परिवर्तित होकर नगर में भुजौटी में होने पर भीड़ जुटने को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह बना हुआ है।