विधि संवाददाता (मऊ): प्रभारी जनपद न्यायाधीश बुद्धि सागर मिश्रा ने लूट व हत्या तथा फर्जी डिग्री पर अध्यापक की नौकरी करने के मामले में दो आरोपितों की जमानत गुरुवार को अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दी। प्रभारी जनपद न्यायाधीश ने यह आदेश बचाव पक्ष एवं प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता मणि बहादुर सिंह के तर्कों को सुनने एवं केस डायरी का अवलोकन करने के बाद पारित किया।

पहला मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। वादी राजेश शुक्ला की पत्नी शिव नगर कालोनी अपनी मां के घर गत 5 जुलाई को गई थी। घर का दरवाजा बाहर से बंद होने व मां का फोन बंद होने पर उन्होंने अपने पति के माध्यम से पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने वहां लगा ताला तोड़ घर में खोजबीन की तो लोहे के बक्से में वादी की सास गीता पांडे की लाश मिली। मामला लूटपाट का दिखा। इस मामले में आरोपित कोपागंज थाना क्षेत्र के पतिला जमीन गांव निवासी श्रीप्रकाश मौर्य की ओर से जमानत की अर्जी दी गई। आरोपित के कब्जे से मृतका का मोबाइल व कान का टप्स बरामद किया। दूसरा मामला चिरैयाकोट थाना क्षेत्र का है। इसमें खंड विकास अधिकारी रानीपुर ने छपरा प्राथमिक विद्यालय की टीचर कंचन मौर्य के विरुद्ध थाना चिरैयाकोट में प्राथमिकी दर्ज कराई। वादी का आरोप है कि उक्त अध्यापक फर्जी बीए का सर्टिफिकेट लगाकर नौकरी कर रही थी। जांच में डिग्री फर्जी पाई गई। इस मामले में आरोपित गाजीपुर जनपद के दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के सिखनी निवासी कंचन मौर्य की ओर से जमानत की अर्जी दी गई। सुनवाई के बाद प्रभारी जनपद न्यायाधीश ने दोनों आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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