जासं, घोसी (मऊ) : पूर्व सांसद बालकृष्ण चौहान ने भारत रत्न मौलाना अबुल कलाम आजाद को आधुनिक शिक्षा का प्रणेता बताया। वह नगर के डाक बंगला रोड स्थित आदर्श बाल निकेतन विद्यालय में सोमवार को भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मौलाना आजाद की जयंती पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। पूर्व सांसद ने उन्हें हिदू-मुस्लिम एकता की जीवंत मिसाल बताया। जिलाध्यक्ष इंतेखाब आलम ने उनकी जयंती को इस बार राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाए जाने का कारण बताते हुए कहा कि वह महज शिक्षक ही नहीं वरन वकील, लेखक एवं पत्रकार होने के साथ ही शिक्षा क्षेत्र में परिवर्तन के प्रबल पक्षधर रहे। उन्होंने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के रूप में 1940 से 45 तक अपने कार्यकाल को यादगार बना दिया है। गांधी जी के परम अनुयायी मौलाना कलाम की जयंती समारोह को पूर्वी जोन प्रभारी घनश्याम सहाय सहित घनश्याम मिश्रा, मन्नान खान, मु्श्ताक अली, नेसार अहमद, रमेश पांडेय, मनोज सिंह, रत्नेश सिंह, धर्मेद्र सिंह, आफताब आलम एवं नजीर अहमद आदि ने संबोधित किया।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस