जागरण संवाददाता, मऊ : जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को अपने कार्यालयों में सुबह नौ बजे ही पहुंचकर जन शिकायतें सुनने के सूबे के मुख्यमंत्री के फरमान के पहले दिन न तो अधिकारी ही पहुंच पाए और न ही शिकायतें सुनाने वाले नजर आए। जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के लखनऊ में आयोजित बैठक से न आ पाने के कारण जहां दोनों उच्चाधिकारियों की कार्यालय में मौजूदगी नहीं थी, वहीं अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र श्रीवास्तव ने अकेले अपने कार्यालय में बैठकर सीएम के फरमान का अनुपालन किया।

सुबह नौ बजे ही अपर पुलिस अधीक्षक अपने दफ्तर पहुंच गए। दफ्तर के कई कर्मचारी मौजूद थे। अपर पुलिस अधीक्षक इंतजार करते रहे, लेकिन बाहर कोई फरियादी नहीं आया। उधर, कर्मचारियों ने साहब को दफ्तर में खाली बैठे देखा तो उनके दस्तखत के लिए फाइल पर फाइल लाना शुरू कर दिया। इस बीच अपर पुलिस अधीक्षक ने भी विभागीय फाइलों को ही निबटाना उचित समझा। इस दौरान एएसपी एक-एक फाइल को मंगाकर निपटाते गए। एएसपी शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों से कार्यालय में प्रतिदिन औसतन 40 से 60 शिकायतें आती हैं। कहा कि 9.00 बजे से 10 बजे तक के बीच जब तक वह कार्यालय में मौजूद रहे पहले दिन एक भी शिकायतकर्ता नहीं आया। इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था के निरीक्षण के लिए निकल गए।

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Posted By: Jagran

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