-संघर्ष समिति की हर मांग हुई पूरी, समिति ने बांटी मिठाइयां

-रेलवे ने भरी हामी, रुके कार्य होंगे प्रारंभ, दोहरीघाट में बने टर्मिनल जागरण संवाददाता घोसी (मऊ) : रेलवे स्टेशन रहे घोसी को आमान परिवर्तन के दौरान अचानक हाल्ट बनाए जाने के विरोध में उतरी घोसी संघर्ष समिति का प्रयास अंतत: सफल रहा। जोन के प्रशासनिक अधिकारी आरके यादव ने इस वर्ष के अंत तक रेल लाइन बिछाए जाने और परीक्षण के बाद एक ट्रेन चलाने की संभावना व्यक्त की है।

समिति ने हरेक मांग पूरी होने पर रेलवे के प्रति आभार जताते हुए नगर में मिष्ठान वितरित किया। रेलवे ने आमान परिवर्तन की प्रक्रिया से गुजर रही इंदारा-दोहरीघाट रेल लाइन के कुछ प्रावधानों को मध्यावधि में संशोधित कर दिया। इन प्रावधानों के अनुसार इंदारा-दोहरीघाट के मध्य में पड़ने वाले सर्वसुविधा युक्त घोसी को रेलवे स्टेशन की बजाय हाल्ट बनाए जाने की घोषणा की गई।

इसके विरोध में घोसी संघर्ष समिति के तत्वावधान में विभिन्न संगठन एकत्रित होकर धरना प्रदर्शन करने लगे। समिति के अध्यक्ष अरविद कुमार पांडेय के नेतृत्व में पूर्वोत्तर रेलवे जोन प्रबंधक को अनगिनत ज्ञापन सौंपे गए। बहरहाल संघर्ष का परिणाम यह कि रेलवे ने घोसी को रेलवे स्टेशन की मान्यता, कंप्यूटराइज्ड आरक्षण सुविधा, दोहरीघाट में टर्मिनल, वाशिग पिट और दोहरीघाट क्षेत्र में रुके कार्य के शुभारंभ की आधिकारिक सूचना दे दी है। लंबी दूरी की चलेंगी कई ट्रेन

घोसी संघर्ष समिति के अध्यक्ष ने रेलवे के अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी को साझा किया। बताया कि आमान परिवर्तन का कार्य पूर्ण होने पर दिल्ली वाया वाराणसी, मुंबई व छपरा के लिए ट्रेनों का संचालन होगा।

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