मऊ : महान देशभक्त क्रांतिकारी और कानूनविद् थे पंडित अलगू राय शास्त्री। उनकी बुद्धिमत्ता से ब्रिटिश सरकार तो परेशान ही थी। संविधान सभा में भी उन्होंने अपने वाक चातुर्य से सबको प्रभावित किया। हिंदी को राजभाषा बनाए जाने के सवाल पर उनकी वक्तृता ने राष्ट्रभाषा के गौरव को स्थापित किया। ये बातें मंगलवार को जनपद के प्रथम सांसद, संविधान सभा के सदस्य रहे महान क्रांतिकारी पं. अलगू राय शास्त्री की जयंती पर विभिन्न स्थानों पर हुए आयोजनों में वक्ताओं ने कही।

नगर के रोडवेज स्थित प्रतिमा पर माल्यार्पण कर लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शो पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि घोसी लोकसभा से प्रथम सांसद रहे श्री शास्त्री ईमानदारी, त्याग व कर्तव्यनिष्ठा की प्रतिमूर्ति थे। दुर्भाग्य है कि आज की युवा पीढ़ी को ऐसे महापुरुषों के प्रेरक चरित्रों से वंचित रखा जा रहा है। आज के नेताओं और उन महापुरुषों के चरित्र में कोई तुलना ही नहीं है। उन लोगों ने देश के लिए अपनी जिंदगी दे दी। ये लोग केवल तिजोरियां भरने में मशगूल हैं। रामकुमार गुप्त, तुषारकांत सिंह, संतोष कुमार गुप्त, एडवोकेट उदयभान सिंह, ईश्वरी राय, धीरेंद्र पांडेय, रामलाल गोंड आदि ने अपने विचार रखे। मुंशीपुरा में हुई अन्ना हजारे फालोवर्स की बैठक में पंडित अलगू राय को याद करते हुए शैलेश अस्थाना ने उनके जीवन प्रसंगों पर प्रकाश डाला और उनके आदर्शो से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। काझा खुर्द स्थित पं. अलगू राय शास्त्री पूर्व माध्यमिक विद्यालय में हुए समारोह में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद वक्ताओं ने उनके जीवन को प्रेरणादायी बताया। प्रदेश के वन मंत्री के रूप में किए गए उनके कार्यो को याद किया। इसी समारोह में सेवानिवृत्त शिक्षक रामशब्द राय को विदाई दी गई। रासमुझ चौहान, रामबली चौहान, रामदयाल राय, रामकुंवर, अरविंद राय, राघवेंद्र राय आदि ने अपने विचार रखे। अध्यक्षता प्रबंधक रामसेवक राय व संचालन मथुरा प्रसाद राय ने किया। उधर अमिला स्थित इंटर कॉलेज में अलगू राय शास्त्री की जयंती पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। मुख्य अतिथि सपा विधायक सुधाकर सिंह ने मां सरस्वती, पंडित जी व विद्यालय के संस्थापक रामलच्छन के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलित किया। विशिष्ट अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक सुनील दत्त, देवेंद्र राय, मनोज तिवारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामभवन, राजेंद्रनाथ पांडेय, विपिन राय, दयाशंकर सिंह, ममता चंद्रा ने विचार व्यक्त किया। इसी दिन विद्यालय का वार्षिकोत्सव भी मना। इसमें सेवानिवृत्त प्रवक्ता ओमप्रकाश राय व परिचारक चंपा देवी को विदाई दी गई। साथ ही दिवंगत सांसद राजकुमार राय के राजनैतिक व सामाजिक जीवन पर प्रकाशित होने वाले लोहिया पथ गामी पुस्तक में उनसे जुड़े संस्मरण लोगों से देने की अपील की गई। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।

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