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आधुनिक युग की मीरा! ठाकुरजी को माना पति, साध्वी ने नंदगांव में कान्हा के दर्शन कर खोला करवाचौथ का व्रत

Published: Fri, 30 Oct 2026 08:21 AM (IST)

साध्वी इंदुलेखा ने ठाकुर बांकेबिहारीजी को अपना पति मानकर उनके लिए करवाचौथ का व्रत रखा। चांद देखने के बाद व्रत खोला।

साध्वी इंदुलेखा ने नंदगांव में कान्हा के दर्शन कर खोला करवाचौथ का व्रत।

साध्वी इंदुलेखा ने नंदगांव में कान्हा के दर्शन कर खोला करवाचौथ का व्रत।

HighLights

  1. साध्वी इंदुलेखा ने बांकेबिहारी को पति मानकर व्रत रखा।

  2. यह उनका बांकेबिहारी के लिए दूसरा करवाचौथ व्रत था।

  3. वह वृंदावन में आधुनिक मीरा के रूप में जीवन जी रही हैं।

जागरण संवाददाता, मथुरा। ठाकुर बांकेबिहारीजी के प्रति भाव रखने वाले भक्तों की संख्या करोड़ों में है। लेकिन, मूलरूप से हरियाणा निवासी साध्वी इंदुलेखा ने अलग ही अंदाज में जीवन गुजारने का निर्णय लिया।

ठाकुर बांकेबिहारीजी को वो अपना पति मान चुकी हैं और उनके लिए करवाचौथ का व्रत भी रखा। गुरुवार शाम को नंदगांव में पहुंचकर उन्होंने कान्हा के दर्शन कर व्रत खोला।

ठाकुर बांकेबिहारी के प्रति करोड़ों भक्तों की आस्था है। मूलरूप से हरियाणा के रोहतक निवासी इंदुलेखा ने ठाकुर बांकेबिहारी को अपना सर्वस्व समर्पण कर उन्हें पति माना और उनके निमित्त इस बार दूसरा करवाचौथ व्रत रख रही हैं।

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साध्वी ने बांकेबिहारीजी को माना अपना पति

साध्वी इंदुलेखा ने कहा कि उन्होंने बांकेबिहारी के लिए करवाचौथ का दूसरा व्रत रखा। वर्ष 2024 में जब वे पहली बार वृंदावन आईं, तो ठाकुर बांके बिहारीजी के भक्ति के रंग में ऐसी रंगी कि ईश्वर को ही अपना सबकुछ मान लिया।

भगवान से ऐसा गहरा आत्मिक लगाव हुआ कि उन्होंने बांके बिहारी से विवाह रचाकर सांसारिक बंधनों और अपनी नौकरी का त्याग कर दिया। पिछले तीन वर्षों से वृंदावन में ही निवास कर रही हैं और आधुनिक युग में मीरा का भाव लिए अपना दांपत्य जीवन गुजार रही हैं।

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