वृंदावन में आधी रात को श्रद्धालुओं से होती है खुली लूट, शाम को चार गुना और रात में दस गुना तक वसूली
धार्मिक नगरी वृंदावन में श्रद्धालुओं को ई-रिक्शा और ऑटो चालकों द्वारा मनमाने किराए की वसूली का सामना करना पड़ रहा ...और पढ़ें

मथुराः वृंदावन में गौतम पाड़ा से सवारियां भरकर गुजरता ई-रिक्शा चालक। जागरण
HighLights
रात में वृंदावन में किराया दोगुना से दस गुना तक।
श्रद्धालुओं से ई-रिक्शा, ऑटो चालक करते मनमानी वसूली।
यातायात एसपी ने किराया सूची, टोल-फ्री नंबर का वादा किया।
राजा तिवारी, मथुरा। धार्मिक नगरी वृंदावन में दर्शन को आए श्रद्धालुओं के लिए आवागमन अब गंभीर परेशानी बन चुका है। हालात यह हैं कि दिन में ही तय किराये से अधिक वसूली शुरू हो जाती है, शाम होते-होते किराया दोगुना से चार गुना और आधी रात के बाद दस गुना तक पहुंच जाता है। ई-रिक्शा और आटो चालक तय किराये को पूरी तरह नजरअंदाज कर खुलेआम चांदी काट रहे हैं। मजबूरी में श्रद्धालु भारी रकम चुकाने को विवश हैं।
वृंदावन में देर रात तक दर्शन और परिक्रमा के बाद लौटने वाले श्रद्धालुओं के सामने सबसे बड़ी समस्या रात का आवागमन बन गया है। बस स्टैंड, टेंपो स्टैंड, बांके बिहारी मंदिर मार्ग, रुकमणी विहार और यमुना एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले रास्तों पर ओवरचार्जिंग आम बात हो गई है। श्रद्धालुओं का कहना है कि दिन में ही किराया बढ़ा हुआ मांगना शुरू कर दिया जाता है।
जो दूरी दिन में 20-30 रुपये में तय होती है, उसी के लिए 40-60 रुपये प्रत्येक व्यक्ति मांगे जाते हैं। शाम होते ही यही किराया 80 से 120 रुपये तक पहुंच जाता है। रात 12 बजे के बाद हालात और बिगड़ जाते हैं। इस समय पूरा ई-रिक्शा या आटो बुक कराने का दबाव बनाया जाता है और पांच-छह किलोमीटर के लिए भी 400 से 500 रुपये मांगे जाते हैं।
बाहरी श्रद्धालुओं का आरोप है कि विकल्प न होने का फायदा उठाया जा रहा है। किराया पूछने पर कई चालक साफ कह देते हैं कि लेना है तो लो, नहीं तो कोई और साधन नहीं मिलेगा। कुछ श्रद्धालुओं ने यह भी बताया कि चालक यह तर्क देते हैं कि यहां का पंजीकरण महंगा हो चला है, इसलिए रात का किराया ज्यादा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से न तो किराया सूची प्रदर्शित है और न ही रात में कोई प्रभावी निगरानी। परिवहन विभाग और पुलिस की नियमित चेकिंग न होने से चालकों के हौसले बुलंद हैं। नतीजा यह है कि आस्था के शहर में श्रद्धालु खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। वृंदावन में श्रद्धालुओं की आस्था अब किराये की मनमानी से आहत हो रही है। सवाल यही है कि दिन से रात तक चल रही इस अवैध वसूली पर आखिरकार कब लगाम लगेगी।
यह है श्रद्धालुओं की मांग
-दिन से लेकर रात तक निर्धारित किराया सख्ती से लागू कराया जाए
-प्रमुख स्थलों पर पुलिस और परिवहन विभाग की मौजूदगी सुनिश्चित हो
-ओवरचार्जिंग करने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
-ओवरचार्जिंग के मामले में श्रद्धालुओं के लिए टोल फ्री नंबर जारी हो
मथुरा जंक्शन से वृंदावन 1500 रुपये, एसपी यातायात ने सीज किया ई-रिक्शा
-ओवरचार्जिंग की पुष्टि का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रात छोड़ो दिन के समय मथुरा जंक्शन से वृंदावन जा रहे एक पति-पत्नी से ई-रिक्शा चालक 1500 रुपये वसूल रहा था। रास्ते में औचक निरीक्षण में यातायात एसपी मनोज यादव ई-रिक्शा रुकवाकर पूछताछ की तो पूरा मामला खुला। एसपी यातायात ने तत्काल ई-रिक्शा सीज किया और दंपती को दूसरे ई-रिक्शा से निर्धारित किराये पर गंतव्य तक भिजवाया।
ये बोले श्रद्धालु
-सिर्फ छह किलोमीटर के लिए हमसे साढ़े 400 रुपये मांगे गए। तय किराये की बात करने पर कोई सुनने को तैयार नहीं था। आधी रात में यह खुली लूट है। -सुशील कुमार चौधरी, वाराणसी
-दो लोग थे, यमुना एक्सप्रेसवे तक जाना था। कहा गया कि पूरा आटो बुक करो, 500 रुपये दो, तभी चलेंगे। हमने कहा 50-50 लगते हैं, लेकिन कोई ले जाने को तैयार नहीं हुआ। -किशन झा, इलाहाबाद
-बांके बिहारी मंदिर से रुकमणी विहार तक 100 रुपये प्रति सवारी मांगे जा रहे हैं। दो से तीन किलोमीटर के लिए भी पूरा ई-रिक्शा बुक करने का दबाव बनाया जाता है। -पार्थ, ग्वालियर
-किराया पूछते ही कहा जाता है कि 500 रुपये दो तभी चलेंगे, यहां सवारियों में नहीं, बुकिंग पर ई-रिक्शा चलता है। दिन में भी ज्यादा वसूली हो रही है, रात में तो हालात और खराब हैं। -जितेंद्र पाठक, दिल्ली
-जनवरी के अंत तक किराया सूची छपवाकर जारी कर दी जाएगी। इसके बाद हर ई-रिक्शा और टेंपो में किराये की सूची चस्पा करना अनिवार्य होगा, बिना सूची कोई वाहन चलने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम से किराया सूची तैयार हो चुकी है, फरवरी में चस्पा कराई जाएगी और टोल-फ्री नंबर भी जारी किए जाएंगे, जिन पर शिकायत मिलते ही कड़ी कार्रवाई होगी। -मनोज यादव, एसपी यातायात
