राधाकुंड में अहोई अष्टमी पर संतान सुख के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब, निसंतान दंपतियों ने लगाई कुंड किया विशेष स्नान
अहोई अष्टमी पर मथुरा के राधाकुंड में संतान सुख की कामना और आभार व्यक्त करने के लिए आस्था का सैलाब ...और पढ़ें

मथुरा के राधाकुंड में अहोई अष्टमी पर संतान प्राप्ति की इच्छा लिए पहुंचे दंपती ने रविवार रात 12 बजे कुंड में स्नान शुरू किया।
HighLights
नि:संतान दंपतियों ने राधाकुंड में संतान प्राप्ति की मन्नत मांगी।
संतान सुख प्राप्त दंपतियों ने राधारानी के प्रति आभार व्यक्त किया।
अहोई अष्टमी पर माताओं ने संतान की दीर्घायु के लिए व्रत रखा।
रसिक शर्मा, गोवर्धन (मथुरा)। किसी मां की आंखों में वर्षों से सूनी गोद भरने का सपना था, तो किसी की पलकों पर अपनी संतान को स्वस्थ और सलामत देखने का आभार छलक रहा था। पहाड़गंज दिल्ली निवासी दंपति मनीष पायल ने राधारानी के सामने आंचल फैलाकर मां बनने का वरदान मांगा तो जाबरा के दंपती चंद्रमोहन मोनिका ने संतान का सुख देने के लिए कृतज्ञता के आंसुओं से अपना भाव अर्पित किया। आंगन में बच्चे की किलकारी गूंजने की अभिलाषा लिए कई दंपतियों की आंखें राधाकुंड के जल में डुबकी लगाते समय नम थीं।
अहोई अष्टमी की रात राधाकुंड में सिर्फ स्नान नहीं हुआ, बल्कि ममता की अनगिनत प्रार्थनाएं और विश्वास के भाव उमड़े। किसी की विनती में मां बनने की तड़प थी तो किसी की श्रद्धा में मिली हुई संतान के लिए आभार। दीपों की झिलमिलाहट के बीच हर हृदय की अपनी एक कहानी थी और हर जुबां पर राधे-राधे।
आंचल फैलाकर मांगी ममता की सौगात
अहोई अष्टमी पर संतान प्राप्ति की कामना लेकर पहुंचे नि:संतान दंपतियों ने राधाकुंड में श्रद्धा के साथ स्नान किया। मान्यता और अटूट विश्वास के साथ दंपतियों ने जलस्वरूपा राधारानी से संतान सुख का वरदान मांगा। कई महिलाओं की आंखें प्रार्थना करते समय नम हो गईं। किसी ने दोनों हाथ जोड़कर मनौती मांगी तो किसी ने आंचल फैलाकर राधारानी से अपने आंगन में किलकारी गूंजने की विनती की। उनके लिए यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन की सबसे बड़ी अभिलाषा को प्रभु के चरणों में समर्पित करने का क्षण था। दीपदान कर दंपतियों ने अपनी मनोकामना राधारानी को अर्पित की।

मिली संतान तो छलके आभार के आंसू
राधाकुंड के घाटों पर ऐसे श्रद्धालु भी पहुंचे, जिनके जीवन में संतान का सुख है। उन्होंने संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ राधारानी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। किसी ने दीप जलाकर आभार जताया तो किसी ने नम आंखों से हाथ जोड़कर शीश नवाया। जिन आंखों में कभी संतान की कामना के आंसू रहे होंगे, उन्हीं आंखों में आज मिली हुई संतान के लिए शुक्राने का भाव दिखाई दिया।
दीपों में झलकी ममता, जुबां पर रहा राधा नाम
अहोई अष्टमी की रात राधाकुंड के घाट दीपों की रोशनी से जगमगा उठे। हाथों में माला और झोली लेकर श्रद्धालु राधा नाम का स्मरण करते रहे। दंपतियों ने कुंड की परिक्रमा की। कहीं भजन कीर्तन पर श्रद्धालु नाचते गाते नजर आए तो कहीं भक्त राधाकुंड के जल में खड़े होकर राधा कृपा कटाक्ष का पाठ करते रहे। पूरी रात राधारानी की आराधना और संतान सुख की कामना का सिलसिला चलता रहा।
ममता के पर्व पर माताओं ने रखा निर्जला व्रत
उधर, गोवर्धन सहित आसपास के क्षेत्रों में महिलाओं ने संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखा। अहोई माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर संतान के मंगलमय जीवन की कामना की। महिलाओं ने हाथों में मेहंदी रचाई और शृंगार कर पूजा की तैयारी की। शाम को आकाश में तारों के दर्शन कर अर्घ्य अर्पित किया और व्रत का पारण किया। बाजारों में भी पूजन सामग्री और शृंगार के सामान की खरीदारी के लिए भीड़ रही।
सुरक्षा के रहे इंतजाम
अहोई अष्टमी मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। राधाकुंड में पुलिस बल, पीएसी, 10 यूपी बटालियन एनसीसी, राजस्व विभाग और नगर पंचायत की टीमें तैनात रहीं। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार के निर्देश पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और आवागमन की व्यवस्था संभाली गई। डीएम चंद्र प्रकाश सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार, एसपी ग्रामीण आलोक राज नारायण, एसडीएम सलोनी गौतम, तहसीलदार मनीष कुमार, थाना प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार मिश्र, ईओ कल्पना बाजपेयी, नगर पंचायत अध्यक्ष रामफल मुंशी और राधाकुंड चौकी प्रभारी शरद त्यागी सहित अन्य अधिकारी व्यवस्थाओं में जुटे रहे।
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