हादसे के बाद नियमों में बदलाव, मथुरा-वृंदावन में अलग होगी नाव और मोटरबोट रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था
मथुरा नगर निगम यमुना में नाव, मोटरबोट और स्टीमर के संचालन के लिए पंजीकरण शुरू करने जा रहा है। हाल ...और पढ़ें

फाइल फोटो।
HighLights
सोमवार से यमुना में नाव पंजीकरण शुरू होगा
हादसे के बाद सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए गए
पंजीकरण के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र अनिवार्य
जागरण संवाददाता, मथुरा। नगर निगम में नाव, मोटरबोट व स्टीमर संचालन के लिए पंजीकरण की व्यवस्था नहीं है। इसके लिए नगर निगम ने बायलाज बनाकर गजट के लिए भेजा है। बोर्ड बैठक में भी ये प्रस्ताव पास हो गया। गजट होने तक नगर निगम ने मोटरबोट, नाव व स्टीमर के यमुना में संचालन के लिए पंजीकरण शुल्क का अनुमोदन लेने के लिए पत्रावली डीएम के पास भेजी है।
अनुमोदन मिलने के साथ ही नगर निगम पंजीकरण शुरू कर देगा। सोमवार से पंजीकरण का कार्य मथुरा व वृंदावन में अलग-अलग होगा। इसके लिए घाटों पर ही पंजीकरण की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए संबंधित को आवेदन पत्र के साथ मालिक व चालक के आधार कार्ड, फिटनेस प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर व फोटो देने होंगे।
नगर निगम ने अनुमोदन के लिए डीएम के पास भेजी पत्रावली
10 अप्रैल को वृंदावन के केशीघाट पर पैंटून पुल का पीपा मोटरबोट से टकरा गया। इससे श्रद्धालुओं से भरी मोटरबोट यमुना में पलट गई। 16 लोगों की मृत्यु हो गई। हादसा के बाद नगर निगम ने पंजीकरण की व्यवस्था के लिए बायलाज तैयार किया, जो नगर निगम बोर्ड बैठक में पास हो गया है। अब गजट के लिए इसे भेजा गया है।
घाटों पर पंजीकरण की तैयारी, आवेदन पत्र, आधार कार्ड व फिटनेस प्रमाण पत्र भी देना होगा
नगर निगम ने नाव, मोटरबोट व स्टीमर के पंजीकरण शुल्क की पत्रावली तैयार कर ली है। इस पत्रावली को नगर निगम के कर विभाग ने डीएम के पास अनुमोदन के लिए भेजा है। अनुमोदन होने के साथ ही इनके पंजीकरण का काम संभवत: सोमवार से शुरू हो जाएगा। नगर निगम पंजीकरण मथुरा व वृंदावन जोन में अलग-अलग करेगी। दोनों जोन में घाटों पर ही पंजीकरण कराना सुनिश्चित किया है।
ये तय किया शुल्क, ये देने होंगे दस्तावेज
नाव के लिए दो हजार, मोटरबोट के लिए पांच हजार और स्टीमर के लिए 10 हजार रुपये वार्षिक शुल्क रखा है। वहीं पंजीकरण के लिए नाव, स्टीमर, मोटरबोट के मालिक व चालक का नाम व पता, मोबाइल नंबर, दोनों के आधार कार्ड, फिटनेस प्रमाण पत्र आदि कागजात देने होंगे।
आठ दिन से ठप यमुना में नौका विहार, गाइडलाइन जारी
हादसा के बाद आठ दिन पहले यमुना में नौका विहार बंद चल रहा है। शुक्रवार को नगर निगम ने नाव एवं मोटरबोट संचालन के लिए केशीघाट पर गाइडलाइन जारी कर दी है। स्टीमर, मोटरबोट व नाव में क्षमता के अनुसार ही लाइफ जैकेट होनी जरूरी हैं। क्षमता से अधिक सवारी नहीं ली जाएंगी।
मोटरबोट पर रेडियम की रेडलाइन लगाई जाए, हर मोटरबोट में प्राथमिक उपचार किट, आपदा विभाग के अधिकारियों के नंबर होने चाहिए। एनजीटी, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग के नियमों का पालन जरूरी है। मोटरबोट में कोई भी बिना लाइफ जैकेट के नहीं बिठाया जाएगा। कोई ज्वलनशील पदार्थ लेकर नहीं बैठेगा।
नौ वर्ष में नगर निगम नहीं बना सकी बायलाज
वर्ष 2017 में नगर पालिका मथुरा व वृंदावन का अस्तित्व समाप्त कर नगर निगम बनाया गया। मथुरा शहर से यमुना नदी गुजर रही है। यमुना मैया की पूजा अर्चना करने बहुतायत में श्रद्धालु आते हैं। इनकी संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। लेकिन, नगर निगम नौ वर्ष में भी बायलाज नहीं बना सकी। बीते वर्ष बोर्ड बैठक में नावों के पंजीकरण का प्रस्ताव पास हुआ, मगर इस ओर काम में देरी हुई। अब हादसा के बाद इसमें तेजी आई है।
