मथुरा: माध्यमिक शिक्षक संघ और प्रधानाचार्य परिषद ने पुरानी पेंशन बहाली सहित अन्य मांगों को लेकर यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन काम का दूसरे दिन भी बहिष्कार किया। शिक्षकों ने मूल्यांकन केंद्रों के बाहर धरना दिया। हालांकि शाम को प्रांतीय नेतृत्व के आश्वासन पर बहिष्कार समाप्त कर दिया गया। रविवार को मूल्यांकन में सभी शिक्षक भाग लेंगे।

शनिवार को बहिष्कार के चलते केआर ग‌र्ल्स इंटर कॉलेज के मूल्यांकन केंद्र पर एक भी उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन नहीं हुआ। वहीं दूसरी ओर राजकीय इंटर कॉलेज मूल्यांकन केंद्र पर 179 परीक्षकों ने 2406 कॉपियां जांची। किशोरी रमण इंटर कालेज में सिर्फ इंटर के विभिन्न विषयों की तीन सौ कॉपियां जांची गई। दो दिन में तीन मूल्यांकन केंद्रों पर सिर्फ 2706 कॉपियां ही जांची जा सकी हैं। जीआइसी पर माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जय प्रकाश शर्मा, किशोरी रमण इंटर कालेज पर प्रधानाचार्य परिषद के संरक्षक निरंजन सिंह सोलंकी और केआर ग‌र्ल्स इंटर कॉलेज पर शिक्षक संघ के जिला मंत्री बाबूराम वर्मा के नेतृत्व में धरना देकर शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार जारी रखा। बहिष्कार में अखिल भारतीय अनुसूचित जाति, जन जाति कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन ने भाग लिया और समर्थन दिया। धरने में प्रांतीय मंत्री डॉ. दिनेश राना, प्रधानाचार्य परिषद के अध्यक्ष डॉ. अजयकृष्ण सारस्वत, सत्येंद्र सिंह, राजेश सिंह, रामदेव सिंह, उमेश पाल सिंह, राजेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।

वित्तविहीन शिक्षकों को मिलेगा 15 हजार मानदेय

मथुरा: मूल्यांकन बहिष्कार वापसी की जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जय प्रकाश शर्मा ने बताया कि उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और संघ के प्रांतीय नेताओं के बीच हुई वार्ता में जो निर्णय हुआ है उसके तहत सरकार ने वित्त विहीन शिक्षकों को 15 हजार रुपये मानदेय देने का आश्वासन दिया है। पुरानी पेंशन बहाली के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने के ठोस आश्वासन के बाद मूल्यांकन बहिष्कार वापस ले लिया गया है।

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Posted By: Jagran