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मथुरा में प्रतिबंधित चीनी ऐप से करोड़ों का अवैध लेनदेन, एसटीएफ ने तीन को दबोचा; दो महिलाएं फरार

Published: Sun, 11 Oct 2026 11:02 PM (IST)

एसटीएफ ने मथुरा में प्रतिबंधित चीनी लाइव चैटिंग और वीडियो कॉलिंग ऐप चैमेट के जरिए चल रही अवैध वित्तीय गतिविधियों का भंडाफोड़ किया है।

मथुरा: थाना हाईवे पुलिस की गिरफ्त में आरोपित प्रवीन, अर्जुन व विपिन। फोटो सौ. पुलिस द्वारा

मथुरा: थाना हाईवे पुलिस की गिरफ्त में आरोपित प्रवीन, अर्जुन व विपिन। फोटो सौ. पुलिस द्वारा 

HighLights

  1. एसटीएफ ने मथुरा में अवैध चीनी ऐप नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।

  2. चैमेट जैसे प्रतिबंधित ऐप से एक करोड़ का लेनदेन उजागर।

  3. तीन आरोपित गिरफ्तार, दो महिला फरार, जांच जारी है।

जागरण संवाददाता, मथुरा। एसटीएफ ने प्रतिबंधित चीनी लाइव चैटिंग और वीडियो कालिंग एप चैमेट के जरिए चल रही अवैध वित्तीय गतिविधियों का राजफाश किया है। एसटीएफ और थाना हाईवे पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मोतीकुंज स्थित कार्यालय से शनिवार रात पौने 12 बजे तीन आरोपित गिरफ्तार किए हैं, जबकि दो महिला आरोपित फरार हैं।

पुलिस ने सात मोबाइल, तीन चेकबुक, पासबुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड, तीन डेबिट कार्ड, एक सीपीयू, डिजिटल साक्ष्यों के 58 पन्नों के प्रिंटआउट और एक कार बरामद की है। दस्तावेजों में एक वर्ष में एक करोड़ रुपये से अधिक का लेने-देन पाया गया है।

यह है पूरा मामला

एसटीएफ के उपनिरीक्षक पंकज कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि मथुरा में एक संगठित गिरोह प्रतिबंधित एप के माध्यम से अवैध वित्तीय गतिविधियों में लगा है। जांच में कुछ बैंक खातों में फुलियाओ हांगकांग लिमिटेड समेत विदेशी संस्थाओं से बड़ी रकम आने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।

शनिवार रात पौने 12 बजे थाना हाईवे क्षेत्र के मोतीकुंज स्थित फिजियोथेरेपी सेंटर के पास कार में बैठे प्रवीन कुमार उर्फ प्रकाश सिंह निवासी गांव सिहोरा थाना जमुनापार, विपिन कुमार सिंह निवासी प्रीति विहार कालोनी लक्ष्मीनगर थाना जमुनापार और अर्जुन दिवाकर निवासी मालीपाड़ा धौलीप्याऊ थाना हाईवे को गिरफ्तार किया गया।

लड़कियों को होस्टिंग के लिए रखा गया

गिरोह ने मोतीकुंज में किराए पर कार्यालय लेकर फर्जी आईडी, वीडियो कालिंग, ऑनलाइन गेमिंग और विदेशी कंपनियों से मिलने वाले भुगतान के जरिए धन का लेनदेन किया। पूछताछ में प्रवीन ने बताया कि वर्ष 2023 में सौरभ नामक व्यक्ति के माध्यम से उसे एप की जानकारी मिली। इसके बाद लड़कियों को होस्टिंग के लिए रखा गया और उनके नाम पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर काम कराया गया। उन्हें 12 से 15 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाता था।

ऑनलाइन गिफ्टिंग और वीडियो काल से मिली कमाई अरी-पे और ई-पे जैसे एप के जरिए बैंक खातों में भेजी जाती थी। पिछले वर्ष प्रवीन और सोनिया दिल्ली चले गए थे। बाद में सोनिया वृंदावन के अनंतम सनसिटी में रहने लगी। अर्जुन ने मोतीकुंज के ए-22 में कार्यालय किराए पर लेकर लड़कियों को होस्टिंग के लिए रखा। उसने अपनी बहन गीता के केनरा बैंक खाते और पत्नी के पेटीएम पेमेंट्स बैंक खाते का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी दी।

अलग-अलग खातों में घुमाते थे रकम

आरोप है कि फर्जी तस्वीरों और गलत नामों से चैमेट, चिलचैट व अन्य एप पर प्रोफाइल बनाकर गतिविधियां चलाई जाती थीं। रकम को अलग-अलग खातों से घुमाकर वैध दिखाने की कोशिश होती थी। एसटीएफ ने तीनों आरोपितों को हाईवे पुलिस के सिपुर्द किया। सोनिया और आलिया समेत पांच नामजद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

थाना प्रभारी अरविंद कुमार निर्वाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों को जेल भेज दिया गया है। फरार महिला आरोपितों की तलाश जारी है।

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