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कौन हैं मांट से आठ बार विधायक रहे श्याम सुंदर शर्मा? कांग्रेस में हुए शामिल, विधानसभा चुनाव से पहले खेला बड़ा दांव

By Vineet MishraEdited By: Abhishek Saxena
Published: Sat, 03 Oct 2026 02:02 PM (IST)Updated: Sat, 03 Oct 2026 02:08 PM (IST)

आठ बार के विधायक श्याम सुंदर शर्मा ने कांग्रेस पार्टी में घर वापसी कर ली है, जिससे मांट की राजनीति ...और पढ़ें

श्याम सुंदर शर्मा ने ली कांग्रेस की सदस्यता।

श्याम सुंदर शर्मा ने ली कांग्रेस की सदस्यता।

HighLights

  1. पूर्व विधायक श्याम सुंदर शर्मा ने कांग्रेस की सदस्यता ली।

  2. उनकी घर वापसी से मांट की राजनीति में हलचल मची।

  3. बसपा से निष्कासित होने के बाद कांग्रेस में शामिल हुए।

जागरण संवाददाता, मथुरा जिले की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व मंत्री और आठ बार लगातार विधायक रहे श्याम सुंदर शर्मा ने शनिवार को कांग्रेस की सदस्यता ले ली। कांग्रेस में उनकी घर वापसी से अब मांट की राजनीति में हलचल मच गई है।

कांग्रेस, बसपा और निर्दलीय विधायक रहने वाले श्याम सुंदर शर्मा को अक्टूबर 2024 में बसपा ने पार्टी से निष्कासित कर दिया, तब से वह नए राजनीतिक दल की तलाश कर रहे थे।

पहली बार कांग्रेस से ही 1989 में विधायक बने श्याम सुंदर शर्मा शनिवार को दिल्ली में पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली। दैनिक जागरण ने शनिवार को कांग्रेस में श्याम सुंदर की घर वापसी की खबर ब्रेक की थी।

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श्याम सुंंदर शर्मा। 

दैनिक जागरण की खबर पर मुहर -1989 में कांग्रेस के टिकट पर जीते थे पहला चुनाव

श्याम सुंदर शर्मा वर्ष 1989 में मांट विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर पहला चुनाव लड़ा और विधायक बने। इसके बाद 1991 और 1993 में भी कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने। बाद के वर्षों में उन्होंने अलग-अलग राजनीतिक दलों से चुनाव लड़ा और मांट से अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखी।

आठ बार रहे मांट से विधायक

वर्ष 2012 में रालोद के जयंत चौधरी से चुनाव हारने के बाद उपचुनाव में वह तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर फिर विधायक बने। 2017 में बसपा के टिकट पर जीतकर आठवीं बार विधानसभा पहुंचे। लेकिन 2022 का चुनाव वह भाजपा के राजेश चौधरी से 9,580 मतों से हार गए।

 

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सोनिया से मुलाकात के बाद ली पार्टी की सदस्यता

पिछले जिला पंचायत चुनाव में उन्होंने भाजपा का अध्यक्ष बनवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 18 अक्टूबर 2024 को बसपा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण उन्हें पार्टी से निकाल दिया। शनिवार को उन्होंने पहले पार्टी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से मुलाकात की, उसके बाद पार्टी की सदस्यता ली।