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श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर कार सेवा का शंखनाद, कान्हा की धरा से संत-महंत भरेंगे इसी महीने हुंकार; राजस्थान से मंगाया गुलाबी पत्थर

By Vineet Kumar Mishra Edited By: Prateek Gupta
Published: Tue, 04 Aug 2026 07:00 PM (IST)

संत-महंतों ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर कार सेवा का ऐलान किया है, जिसके तहत 9 अगस्त को शिलापूजन और पत्थर तराशने ...और पढ़ें

श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही मस्जिद ईदगाह।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही मस्जिद ईदगाह।

जागरण संवाददाता, मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान की मुक्ति के लिए उन्हीं की धरा से संत-महांत कारसेवा की हुंकार भरेंगे। नौ अगस्त को गोवर्धन क्षेत्र के जुल्हैंदी स्थित श्रीचित्रगुप्त पीठ पर देश-भर के दो दर्जन से अधिक अखाड़ों के महामंडलेश्वर शामिल होंगे। यहां कार सेवा की हुंकार भरने के साथ ही श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर नए मंदिर में लगाने के लिए पत्थर तराशने का काम शिलापूजन से शुरू होगा।

पहली खेप के रूप में भरतपुर से पांच हजार घनमीटर पत्थर मंगाया गया है। हालांकि अखाड़े संयुक्त रूप से बाद में कारसेवा करने की तिथि की घोषणा करेंगे। श्रीचित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी डा. सच्चिदानंद महाराज ने चार जुलाई को राम मंदिर आंदोलन की तरह श्रीकृष्ण जन्मस्थान मुक्ति के लिए कार सेवा नौ अगस्त को करने की घोषणा की। उन्होंने समर्थन जुटाने के लिए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद से संपर्क किया।

इस पर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महांत रवींद्र पुरी ने इसे समर्थन देते हुए कार सेवा की घोषणा की। इसी बीच सावन में कांवड़ यात्रा को देख फिलहाल नौ अगस्त की तिथि टाल दी गई। इधर, श्रीचित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी डा. सच्चिदानंद महाराज ने नौ अगस्त को कारसेवा की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की। नौ अगस्त को उनके आश्रम में एक कार्यशाला स्थापित की जाएगी।

इसमें विभिन्न अखाड़ों के संत-महंत की उपस्थिति में उन पत्थरों की शिला का पूजन किया जाएगा, जिन्होंने कारसेवा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर नया मंदिर बनाने के लिए लगाना है। उन्होंने बताया कि एक अगस्त से उनके आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा शुरू हो गई है। आठ को कथा का समापन होगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में जो पत्थर लगा है।

वही गुलाबी रंग का पत्थर श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर नया मंदिर बनाने में लगाया जाएगा। इसके लिए उन्होंने भरतपुर के बंशी पहाड़पुर से पहली खेप के रूप में पांच हजार घनमीटर पत्थर मंगाया है। यह पत्थर छह अगस्त की रात आश्रम में पहुंच जाएगा। उन्होंने बताया कि आठ अगस्त से मंदिर में संकीर्तन शुरू होगा, जबकि नौ अगस्त की सुबह नौ बजे संत-महंत की उपस्थिति में कार्यशाला के शंखनाद के लिए शिलापूजन होगा।

हम विवादित स्थल का गुंबद गिराएंगे

स्वामी डा. सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि जन्मस्थान पर कारसेवा करने की तिथि की घोषणा भी जल्द ही सभी अखाड़ों के संत-महांत की उपस्थिति में की जाएगी। उन्होंने बताया कि कारसेवा के दौरान हम श्रीकृष्ण जनमस्थान पर स्थित विवादित स्थल का गुंबद भी गिराएंगे। हम वहां भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर बनाकर रहेंगे।

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