जागरण संवाददाता, वृंदावन: जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के 95 वें जन्मदिवस पर बुधवार को फोगला आश्रम से शोभायात्रा निकाली गई। जगद्गुरु को साढ़े नौ हजार फूलों से बनी माला अर्पित की गई। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ¨सह, पूर्व सॉलिसिटर विवेक कृष्ण तंखा, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी आदि ने शंकराचार्य का पाद पूजन किया।

इस अवसर पर संतों ने कहा कि राष्ट्र और समाज के सामने समस्या आने पर लोग शंकराचार्य और संतों की तरफ देखते हैं। सभी को संघर्ष करना सीखना होगा। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि ईसाई अंग्रेजी और मुस्लिम उर्दू पढ़ता है तो ¨हदुओं को संस्कृत सीखनी चाहिए। कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि शास्त्रों में वर्णित चौरासी लाख योनियां हमको कर्मानुसार मिलती हैं। शंकराचार्य ने कहा कि जो नई सरकार आती है, वह पिछली की तरह ही काम करती है। मोदी-योगी से उम्मीद थी कि गोवध बंद होगा, पर हुआ नहीं। कथावाचक ठाकुर की गिरफ्तारी पर कहना था कि आज यहां सब जात-पांत को भुलाकर आए है। धर्म सबको जोड़ता है बांटता नहीं। स्वामी सदानंद, स्वामी अविमुक्तेश्वरनंद, स्वामी अमृतानंद, स्वामी गोविन्दानंद, स्वामी धर्मानंद, स्वामी सदाशिव ब्रह्मेंद्र, ब्रह्मचारी सुबुद्धानंद, ब्रह्मचारी शारदानंद, अरविन्द मिश्रा, कुलदीप दुबे, रमाकान्त दीक्षित, नरेंद्र चतुर्वेदी, बसंत, विजय आदि मौजूद रहे। संचालन आचार्य बद्रीश ने किया।

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