जागरण संवाददाता, मथुरा: पानी सबकी प्यास बुझाता, किसान इससे फसल उगाता, पानी का करो सम्मान, तभी बनेगा देश महान आदि पंक्तियों को समेटे स्कूली बच्चों ने चित्रकारी के माध्यम से जल बचाने की अलख जगाई। हाथों में पेंसिल रबर और रंग लिए बच्चों ने विभिन्न नारे लिखकर व चित्रकारी कर लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया।

दैनिक जागरण द्वारा जल संरक्षण को लेकर शुरू की गई पहल जल जागरण के अंतर्गत डैम्पियर नगर स्थित पीडी मॉडर्न पब्लिक स्कूल में मंगलवार को चित्रकला प्रतियोगिता कराई गई। नन्हें-मुन्ने बच्चों ने चित्रकला के माध्यम से अपने भावों को सादा कागज पर उकेरा। सर्वप्रथम बच्चों ने शे¨डग कलर व पेंसिल से पे¨टग्स बनाई और फिर उसमें रंग भरे। कुछ बच्चों ने जल से टपकती एक-एक बूंद का मानव जीवन में महत्व को दर्शाया तो कुछ बच्चों ने विभिन्न कारणों से हो रही पानी की बर्बादी का उल्लेख किया। बच्चों ने घर की छत से बहते वर्षा के जल को संचित करने के उपाय चित्रों के माध्यम से बताए। प्रतिभागियों ने दर्शाया कि किस प्रकार गांव में किसान जल से ही फसल उगाता है, इसके लिए उसे तरह-तरह के इंतजाम करने होते हैं। इसमें कक्षा छ: व सात के ढाई दर्जन विद्यार्थियों ने भाग लिया।

- जल नहीं होगा तो कल नहीं होगा, ये वाक्य बिल्कुल सत्य है। मानव का सम्पूर्ण जीवन जल पर ही निर्भर है। वर्तमान में बहुत तेजी से इसका दोहन हो रहा है। इसके प्रति लोगों को जागरूकता की आवश्यकता है।

-छाया गौतम, प्रधानाचार्या - जल बचाने की शुरूआत बच्चों को अपने घरों से ही करनी चाहिए। नल, शॉवर, आरओ आदि से होने वाली जल बर्बादी को रोकना चाहिए। जल संरक्षण जरूरी है, इसके लिए अधिकाधिक मात्रा में पौधरोपण होना चाहिए।

-काजल बानो, शिक्षिका घर-घर में सबमर्सिबल लगे हैं, इनसे ही सबसे ज्यादा पानी बर्बाद होता है। घर, वाहनों या फिर जानवरों को नहलाने या धुलाई के लिए पाइप के स्थान पर बाल्टी में भरकर पानी का प्रयोग करना चाहिए।

-विनय, छात्र आज हमारे पास पानी है तो हम इसकी महत्व को समझ नहीं रहे है। गांव में आज भी पानी के लिए महिलाओं को दूर-दूर तक जाना पड़ता है। यदि हम पानी बचाए तो यह उनके काम आ सकता है।

-दर्शना, छात्रा

By Jagran