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शिष्य की मौत के बाद संत प्रेमानंद के आश्रम में दरार, सीएम को पत्र लिखकर मांगी गई सुरक्षा

Published: Mon, 05 Oct 2026 12:17 AM (IST)

शिष्य की मृत्यु के बाद संत प्रेमानंद के श्रीराधा केलीकुंज आश्रम में विवाद गहरा गया है, जहां श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति ...और पढ़ें

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संवाद सूत्र, वृंदावन। संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मृत्यु के बाद श्रीराधा केलीकुंज आश्रम विवादों में घिर गया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने आरोप लगाया है कि संत प्रेमानंद के शिष्यों में दो गुट बन गए हैं। गुटबाजी से आहत होकर संत प्रेमानंद ने श्रीराधा केलिकुंज छोड़कर यमुना पार नए आश्रम में प्रवास शुरू कर दिया है।

अध्यक्ष ने एक गुट को आपराधिक और भूमाफिया बताते हुए संत प्रेमानंद की जान को खतरा बताया है। उनकी सुरक्षा के लिए जेड प्लस श्रेणी सुरक्षा की मांग मुख्यमंत्री से की है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर संत प्रेमानंद की सुरक्षा की मांग की।

उन्होंने कहा कि एक गुट राधा केलिकुंज का है, जिसमें आपराधिक तत्व शामिल हैं, जो प्रापर्टी डीलर बन गए हैं। आरोप है कि श्रीराधा केलिकुंज में ऐसे लोग छिपे हैं, जिन्होंने संत की आड़ में कई आश्रम बना लिए हैं। इनकी संपत्ति की जांच होनी चाहिए। संत प्रेमानंद के साथ अन्य तपस्वी यमुना पार बेलवन में नए आश्रम में पहुंच गए हैं।

उन्होंने कहा कि देशहित में संत प्रेमानंद की सुरक्षा आवश्यक है। यमुना खादर में प्रापर्टी डीलिंग करने वाले साधुओं की संपत्ति की जांच होनी चाहिए और आश्रम के सीसीटीवी फुटेज भी संरक्षित किए जाएं। कुछ बालक-बालिकाएं भक्तिरस में डूबकर आश्रम में रह जाते हैं, जिनके स्वजन उन्हें खोजते हुए पहुंच जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को भय है कि आध्यात्म की आड़ में बच्चों को बंधक तो नहीं बनाया गया है।

बाल आयोग से जांच कराने की मांग की गई है, ताकि कुछ परिवारों को उनके बच्चे मिल सकें। केलिकुंज आश्रम से बच्चे गायब हो गए हैं और कुछ किडनी चोर माफिया भी बच्चों को गायब कर सकते हैं। धर्म की आड़ में आपराधिक गतिविधियों में लिप्त आश्रम के सेवादारों का पुलिस वेरिफिकेशन होना चाहिए।

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