केलिकुंज से अपार्टमेंट तक खंगाले सुराग, हर एंगल पर जांच; फिर भी रसिक दुलारी की मौत का रहस्य बरकरार
संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण की रहस्यमयी मौत के मामले में मथुरा पुलिस की जांच 11 दिन बाद ...और पढ़ें

संत प्रेमानंद और इनसेट में रसिक दुलारी का फाइल फोटो।
HighLights
पुलिस ने 60 से अधिक साधकों और परिवार से पूछताछ की।
आत्महत्या से पहले गुप्तांग काटने का कारण अभी भी अज्ञात।
जागरण संवाददाता, मथुरा। संत प्रेमानंद के शिष्य दीपक उर्फ रसिक दुलारी शरण की मृत्यु के मामले में पुलिस की जांच 11 दिन बाद भी किसी निर्णायक नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। चार पुलिस टीमों ने आश्रम के 60 से अधिक साधकों से पूछताछ की, जबकि मृतक की मां, भाई, बहन और जीजा समेत छह स्वजन के बयान भी दर्ज किए गए।
अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ मृतक के रक्त के नमूने और मोबाइल को जांच को भेजा गया। पुलिस के सामने बड़ा सवाल यह है कि छत से कूदकर जान देने के पहले शिष्य ने अपना गुप्तांग क्यों काटा। अब मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट से जांच को अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश जबलपुर के नर्मदा बस्ती फरहदुली निवासी दीपक लोढ़ा दो वर्ष पहले वृंदावन आए और यहां संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेकर अपना नाम बदलकर रसिक दुलारी शरण रख लिया था। 25 सितंबर सुबह साढ़े 10 बजे उन्होंने अपार्टमेंट की चौथी मंजिल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। इससे पूर्व उन्होंने कमरे में ग्राइंडर से अपना गुप्तांग काटा।
उनकी मृत्यु को स्वजन ने आत्महत्या मानने से इन्कार कर दिया था। चार टीमों ने अलग-अलग स्तर पर पड़ताल करते हुए आश्रम से जुड़े 60 से अधिक साधकों के बयान दर्ज किए। जिस अपार्टमेंट में घटना हुई, वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी खंगाला गया। यह भी पता लगाया कि घटना से पहले दीपक की गतिविधियां कैसी थीं और उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे।
पुलिस ने मृतक का रक्त सैंपल और मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि मोबाइल की जांच रिपोर्ट आने पर ही घटना से पहले की परिस्थितियां स्पष्ट कर सकती हैं।
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