संत प्रेमानंद आश्रम से गुम हुए बेटे की तलाश में पहुंचा मेरठ का परिवार, श्रीराधा केलिकुंज में हंगामा
वृंदावन के श्रीराधा केलिकुंज आश्रम में संत प्रेमानंद के एकांतिक दर्शन के बाद गुम हुए बेटे प्रिंस की तलाश में ...और पढ़ें

संत प्रेमानंद के आश्रम के बाहर हंगामा करते मेरठ से आए लोग।
HighLights
बेटा संत प्रेमानंद के एकांतिक दर्शन के बाद से लापता।
आश्रम परिकरों ने परिवार से अभद्रता की, पुलिस ने संभाला।
संवाद सहयोगी, वृंदावन। रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मृत्यु के बाद संत प्रेमानंद से प्रभावित ऐसे बच्चे जो अपना घर छोड़ गए थे, उनकी खोज में अब स्वजन ने राधा केलिकुंज पहुंच रहे हैं। दो बच्चे तो सकुशल बरामद हो गए। सोमवार को मेरठ का परिवार दो वर्ष पहले आश्रम में एकांतिक दर्शन के दौरान गुम हुए बेटे की तलाश को पहुंचा तो आश्रम से जुड़े परिकरों (शिष्यों) ने उनके साथ जमकर अभद्रता कर डाली।
परिक्रमा मार्ग स्थित श्रीराधा केलिकुंज में सोमवार दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे मेरठ के थाना परतापुर निवासी नेत्रपाल अपने बेटे का पता लगाने के लिए स्वजनों के साथ पहुंचे और बेटे के फोटो लिए आश्रम के बाहर प्रदर्शन करने लगे। पीड़ित पिता नेत्रपाल ने बताया 2024 में पांच मई को बेटे 20 वर्षीय प्रिंस ने नीट की परीक्षा दी और आठ मई को बेटे के साथ परिवार संत प्रेमानंद के दर्शन को आश्रम आया।
नौ मई को एक टोकन एकांतिक वार्ता का मिला। 10 मई की सुबह जब हम सभी टोकन लेकर अंदर जाने लगे तो एक टोकन पर बेटे को ही प्रवेश मिला। बेटा एकांतिक वार्ता में गया, जो सीसीटीवी में भी दिखाई दे रहा है, इसके बाद वह बाहर नहीं निकला। दो घंटे इंतजार के बाद जब हमने साधकों से पूछा तो उन्होंने कहा पुलिस से संपर्क करो।
हमने थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई और जब पुलिस पहुंची तो आश्रम वाले बोले आप पुलिस को लेकर आए हैं, पुलिस ही जानें, हम से कोई लेना देना नहीं। मां पूनम ने बताया बेटे के गुम होने के बाद कई बार आश्रम आए। लेकिन, हमें कोई जानकारी नहीं दी गई और संतों ने कहा कि आप खुशी मनाओ आपका बेटा सेवा में है। आप भाग्यशाली हो।
बेटे के गुम होने के बाद बेटी की हालत उसकी याद में गंभीर बनी हुई है। हमारी पुलिस से मांग है कि बेटे की तलाश की जाए। बेटी भाई के कारण दिगामी तौर पर परेशान है। जब परिवार प्रदर्शन कर रहा था तो आश्रम से जुड़े परिकरों ने उनके साथ अभद्रता शुरू कर दी।
देखते ही देखते दर्जनों की संख्या में परिवार का विरोध करने वाले लोग जमा होने लगे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला संभाला और स्वजनों से मामले की जानकारी ली है।
