यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अब महाशक्ति की भूमिका में आए भारत: आरएसएस
अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने कहा कि अभी तक चीन सीमा पर मनमानी करता रहा, मगर पहली बार भारत के कड़े रुख से उसे मायूसी हाथ लगी है।

मथुरा (जागरण संवाददाता)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मानना है कि चीन से डोकलाम विवाद के बाद भारत दुनिया में बड़ी शक्ति के रूप में उभरा है। उसे अब सामरिक और आर्थिक रूप से विश्व में अग्रणी भूमिका निभाने को आगे आना चाहिए। इसे सरकार के लिए नीतिगत संकेत माना जा रहा है। हालांकि संघ ने सचेत किया है ऐसा करते समय भारतीयता की मूल भावना और पहचान भी बचाए रखनी होगी।
सरकार को मंत्र दिया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर के साथ स्वरोजगार पर ध्यान देना होगा। राममंदिर निर्माण का मुद्दा कोर्ट में विचाराधीन होने के चलते बैठक में नहीं उठाया गया। तीन दिन केशवधाम में चले संघ के मंथन का सार अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने रविवार को प्रेस के सामने रखा।
कहा कि डोकलाम विवाद के बाद दुनिया में भारत बड़ी शक्ति के रूप में उभरा है। अभी तक चीन सीमा पर मनमानी करता रहा, मगर पहली बार भारत के कड़े रुख से उसे मायूसी हाथ लगी है।
उन्होंने कहा कि संघ के शिक्षा, स्वदेशी, व्यापार समेत तमाम क्षेत्रों में काम कर रहे करीब 35 से अधिक संगठनों का मानना है कि स्वदेशी केवल वस्तुओं के इस्तेमाल में ही नहीं भाषा, वेशभूषा और संस्कृति में भी दिखना चाहिए।
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हमारा लक्ष्य 'इंटिग्रल होलिस्टिक लाइफ' होना चाहिए, यानी भारतीय व्यवस्था केवल भौतिकतावादी नहीं, एक पवित्रता भी हो। आर्थिक विषयों पर रोजगार के अवसर बढ़ाने पर ध्यान दिए जाने और स्वरोजगार के प्रयासों के लिए कुटीर तथा लघु उद्योगों की जरूरतों पर भी जोर दिया गया।
