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भक्तिरस में डूबा बरसाना, सात नदियों के जल से हुआ लाडली जी का अभिषेक, कटारा चौक पर भगदड़ मचने से तीन दर्जन से अधिक घायल

Published: Sun, 20 Sep 2026 01:10 AM (IST)

बरसाना में लाडलीजी मंदिर में वृषभानु नंदिनी राधारानी का प्राकट्य उत्सव धूमधाम से मनाया गया, जहां वेदमंत्रों और पंचामृत अभिषेक ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

HighLights

  1. लाडलीजी मंदिर बरसाना में राधारानी का भव्य प्राकट्य उत्सव मनाया गया।

  2. वेदमंत्रों के साथ पंचामृत अभिषेक और हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा हुई।

  3. राधाष्टमी पर भगदड़ और रेलिंग गिरने से कई श्रद्धालु चोटिल हुए।

अभिषेक किशन चौहान, (मथुरा)। ब्रह्मांचल पर्वत पर शनिवार की भोर बरसाना की हवाओं में राधा नाम घुल गया। लाडलीजी मंदिर में वेदमंत्रों की गूंज, घंटे-घड़ियाल का नाद और भक्तों के जयकारों के बीच मूल नक्षत्र की बेला में वृषभानु नंदिनी राधारानी का प्राकट्य हुआ। पंचामृत और विविध द्रव्यों से लाडली का जन्माभिषेक किया गया।

राधे-राधे के जयघोष के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने लाडलीजी के जन्मोत्सव के दिव्य दर्शन किए। राधारानी के प्राकट्य से पहले रात दो बजे से ही लाडली मंदिर में मंगल बधाइयों का गायन शुरू हो गया। दाई, मान, सवासनी, नाइन और नामकरण लीला से जुड़े पदों के गायन ने वातावरण को भक्तिरस से भर दिया।

सुबह 3:50 बजे गर्भगृह में घंटे-घड़ियाल बज उठे। सेवायत भगवान दास गोस्वामी और जगदीश गोस्वामी आदि ने आचार्य सूसट महाराज व गगन शास्त्री के सानिध्य में वेदमंत्रों के साथ पंचामृत अभिषेक आरंभ किया। दूध, दही, शहद, गाय के घी, इत्र और बूरा के साथ 27 पेड़ों की पत्तियां, 27 स्थानों की रज सप्त अनाज, सात मेवा और सात फलों से वृषभानु नंदिनी का अभिषेक किया गया।

महारानी को पीले रंग की फरुआनुमा पोशाक धारण कराई गई। हेलीकाप्टर से लाडली मंदिर पर पुष्प वर्षा की गई। सेवायतों ने युगल स्वरूप की आरती उतारी। करीब आठ बजे लाडलीजी ने शीश महल से भक्तों को दर्शन दिए। जन्मोत्सव की खुशी में नंदगांव से भी बधाई लेकर लोग बरसाना पहुंचे। शाम को लाडलीजी सफेद छतरी में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देने निकलीं। राधाष्टमी पर भगदड़, केलिकुंज में गिरी रैलिंग : राधाष्टमी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से व्यवस्था चरमरा उठी।

बरसाना में कटारा चौक पर बने बैरियर पर भगदड़ मचने से तीन दर्जन से अधिक श्रद्धालु चोटिल हो गए। वहीं, वृंदावन में संत प्रेमानंद के केलिकुंज आश्रम में भीड़ के धक्के से रैलिंग गिर गई। इसमें पांच लोग घायल हो गए। राधारानी के जन्मोत्सव का साक्षी बनने के लिए शुक्रवार की रात से ही बरसाना में भारी भीड़ उमड़ी। भीड़ के प्रबंधन को पुलिस प्रशासन ने जगह-जगह बैरियर लगाए थे।

बैरियरों पर 15 मिनट तक श्रद्धालुओं को रोकने के बाद छोड़ा जा रहा था। रात आठ बजे कटारा चौक पर जैसे ही पुलिसकर्मियों ने बैरियर खोला तो श्रद्धालु भागने लगे। भगदड़ में गिरकर तीन दर्जन श्रद्धालु चोटिल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ऐसे हालात शुक्रवार रात से शनिवार सुबह आठ बजे तक चार से पांच बार बने।

पुरानी सीढ़ियों पर भी हालात बिगड़े। भीड़ के दबाव में दो महिलाएं बेहोश हो गईं।वृंदावन के श्रीहित राधा केलिकुंज आश्रम में शनिवार को संत प्रेमानंद के दर्शन को जुटे श्रद्धालुओं ने आगे निकलने की होड़ में एक-दूसरे को धक्का देना शुरू किया।

धक्का-मुक्की में भक्तों के लिए लगाई गई लोहे की रेलिंग अचानक गिर गई। इससे पांच श्रद्धालु घायल हो गए। पुलिस जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और रेलिंग से चोटिल होने वालों को वहां से हटाया। सीओ वृंदावन संदीप कुमार ने बताया कि करीब पांच लोगों को रेलिंग गिरने से मामूली चोटें आई थीं।

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