वृंदावन, जासं। देश के कोने-कोने से संस्कृत अध्ययन करने आए विद्यार्थियों ने श्रीनिम्बार्क संस्कृत महाविद्यालय के हॉस्टल में ठहरने की व्यवस्था न मिलने पर बुधवार को विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश जताया। विद्यार्थियों ने प्राचार्य को ज्ञापन देते हुए जल्द ही हॉस्टल में रहने की व्यवस्था लागू करने की मांग की। जबकि प्राचार्य का कहना है कि प्रबंधन के झगड़े के चलते विद्यार्थियों को हॉस्टल की सुविधा नहीं मिल पा रही है।

गांधी मार्ग स्थित श्रीनिम्बार्क संस्कृत महाविद्यालय में देश के कोने-कोने से आकर संस्कृत अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों ने बुधवार को प्राचार्य कक्ष के समीप प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि महाविद्यालय में हॉस्टल की सुविधा होने के बावजूद उन्हें रहने नहीं दिया जा रहा। विद्यार्थियों ने प्राचार्य को ज्ञापन सौंप जल्द हॉस्टल सुविधा देने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में मनीष कुमार, संजय, नवीन चौबे, अमित दीक्षित, आनंद पांडे, श्रीकांत शर्मा, प्रशांत पांडे, अंकित दुबे, अविनाश पांडे, रामप्रवेश पांडे, अभिषेक शर्मा, दीपक पंत, ब्रजेश शर्मा, संजय परगांई, रजत मिश्रा, सौरभ कुमार, राजेंद्र तिवारी समेत अनेक विद्यार्थी शामिल थे। -कहते हैं प्राचार्य

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कन्हैयालाल झा कहते हैं कि 2015 में तत्कालीन प्रबंधक वृंदावन दास ने पदमुक्त होते समय हॉस्टल की चाबी उन्हें नहीं सौंपी। जबकि उनके बाद से प्रबंधक पद को लेकर मामला एसडीएम सदर की अदालत में लंबित है। ऐसे में विद्यालय एकल व्यवस्था के अनुसार संचालित है। पूर्व प्रबंधक वृंदावन दास से कई बार चाबी मांगी गई तो नहीं दी। पुलिस व प्रशासन से कई बार मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। तो पुलिस बार-बार शांति व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें पाबंद कर देती है और उन्हें अदालत के चक्कर काटने पड़ते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को हॉस्टल सुविधा भी नहीं मिल पा रही है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस