संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण मृत्यु प्रकरण, हाई कोर्ट में हाेगी सुनवाई
संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध मृत्यु मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सुनवाई ...और पढ़ें
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संत प्रेमानंद और इनसेट में रसिक दुलारी का फाइल फोटो।
HighLights
इलाहाबाद उच्च न्यायालय में मामले की सुनवाई शुक्रवार को।
एसआईटी जांच और मुआवजे की मांग को लेकर याचिका।
संवाद सहयोगी, वृंदावन। संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मृत्यु के मामले में अधिवक्ता प्रह्लादकृष्ण शुक्ला द्वारा दायर याचिका पर शुक्रवार को उच्च न्यायालय में सुनवाई होगी।
अधिवक्ता प्रह्लादकृष्ण शुक्ला ने गुरुवार को कहा बाराहघाट स्थित गुरुकृपा कुंज आश्रम में दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मृत्यु हो गई थी। मामले की जांच एसआइटी से कराने, मृतक के स्वजन को मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
मामले में छह नवंबर शुक्रवार को न्यायालय के कक्ष संख्या 48 में न्यायमूर्ति चंद्रधारी सिंह, न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंड पीठ के समक्ष फ्रेश लिस्ट में सुनवाई 150 पर सूचीबद्ध है। शुक्ला ने कहा 26 सितंबर को आश्रम में युवा संत दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मृत्यु हुई थी। उसी दिन हुए पोस्टमार्टम में सिर पर 14 टांकों का घाव, होंठ पर गंभीर चोट, पैर की हड्डी टूटी हुई तथा गुप्तांग पर पांच टांकों का गंभीर घाव मिला है।
जो सभी एंटी मार्टम इंजरी हैं। इतनी गंभीर चोटों के बाद भी 40 दिन बीत जाने के बाद भी जांच अधिकारी, थाना वृंदावन में कोई मुकदमा तक दर्ज नहीं हुआ। याचिकाकर्ता शुक्ला ने याचिका में जांच एजेंसी की कथित कार्यशैली एवं मिलीभगत रवैये पर भी सवाल उठाए हैं।