40 लाख रु बकाया पर कटी इंड्रस्टियल एरिया की बिजली, रात में दफ्तर खुलवाकर UPSIDA ने जमा कराया चेक
मथुरा के औद्योगिक क्षेत्र साइट-बी में 40 लाख रुपये के बकाया बिल के कारण स्ट्रीट एवं हाईमास्ट लाइटों की बिजली ...और पढ़ें

HighLights
औद्योगिक क्षेत्र साइट-बी में 40 लाख बकाया पर बिजली कटी।
यूपीसीडा ने ढाई साल से स्ट्रीट लाइट बिल नहीं चुकाया था।
इंडस्ट्री एसोसिएशन के हस्तक्षेप पर रात में आपूर्ति बहाल हुई।
संवाद सूत्र, रिफाइनरी (मथुरा)। 40 लाख रुपये के बकाया पर बिजली निगम द्वारा औद्योगिक क्षेत्र साइट-बी की स्ट्रीट एवं हाईमास्ट लाइट की बिजली काट दी गई। इंडस्ट्री एसोसिएशन द्वारा यह मामला उठाया तो बदनामी के चलते यूपीसीडा कार्यालय रात नौ बजे खोला गया और बकाया राशि के चेक काटकर बिजली अधिकारियों को अवगत कराया गया। इसके बाद रात 10 बजे बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
यूपीसीडा द्वारा औद्योगिक क्षेत्र साइट-बी में सुविधाएं विकसित की जाती हैं। यहां से टैक्स भी यूपीसीडा वसूलता है। इस क्षेत्र में रात्रि में प्रकाश की व्यवस्था की जिम्मेदारी यूपीसीडा की ही है। लेकिन, करीब ढाई वर्ष से यूपीसीडा ने स्ट्रीट एवं हाई मास्ट लाइटों के बिल का भुगतान नहीं किया गया। करीब 40 लाख रुपये बकाया हो गया है।
40 लाख रुपये के बकाया पर काट दी थी स्ट्रीट एवं हाईमास्ट लाइट की बिजली
कई बार पत्र भेजने के बाद भी भुगतान न किए जाने पर गुरुवार शाम छह बजे बिजली निगम द्वारा इस क्षेत्र की स्ट्रीट लाइटें एवं हाईमास्ट लाइटों की बिजली काट दी। इससे पूरे क्षेत्र में अंधकार छा गया। रिफाइनरी इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने इस मामले से यूपीसीडा अधिकारियों को बताया।
यूपीसीडा ने निगम को चेक से किया बकाया भुगतान
सूत्रों के अनुसार, यह मामला समाचार पत्रों तक पहुंचने की जानकारी यूपीसीडा अधिकारियों को हुई तो गुरुवार रात नौ बजे कार्यालय खोला गया। इसके बाद बकाया भुगतान के चेक बिजली निगम के नाम बनाए गए। इन चेक की प्रति बिजली अधिकारियों को भेजी गई। इसके बाद रात 10 बजे निगम द्वारा औद्योगिक क्षेत्र की स्ट्रीट एवं हाई मास्ट लाइट की आपूर्ति बहाल की।
इंडस्ट्री एसो. अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने उठाया मामला,
एसोसिएशन अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने बताया, हमारा उद्देश्य समस्याओं को उठाना ही नहीं बल्कि अधिकारियों से संवाद कर समाधान कराना भी है। प्रकाश की व्यवस्था सीधे उद्यमियों, कर्मचारियों और श्रमिकों की सुरक्षा से जुड़ी है। आपूर्ति तत्काल बहान करने में अधिकारियों की गंभीरता सराहनीय है।
उद्यमी मयंक गोयल, केके उपाध्याय, उमेश मित्तल ने भी इस मामले में अधिकारियों की सराहना की। फरह के एसडीओ शिवम गुप्ता ने बताया, आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
