विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मथुरा 2027 चुनाव: दिग्गजों के बेटे-बेटियां संभालेंगे चुनावी कमान! गठबंधन में फंसेगा सीटों का गणित

Published: Sat, 26 Sep 2026 02:48 PM (IST)

UP Elections: मथुरा में 2027 के विधानसभा चुनाव दिलचस्प होने वाले हैं, जहां भाजपा-रालोद गठबंधन के बीच सीटों का बंटवारा ...और पढ़ें

UP Elections: सांकेतिक तस्वीर।

UP Elections: सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. मथुरा 2027 विधानसभा चुनाव में उत्तराधिकार की राजनीति गरमाई।

  2. भाजपा-रालोद गठबंधन में सीटों के बंटवारे पर असमंजस बरकरार।

  3. दिग्गज नेताओं के परिजन चुनावी मैदान में उतरने को तैयार।

जागरण संवाददाता, मथुरा। UP Elections: कान्हा की नगरी में 2027 के विधानसभा चुनाव दिलचस्प होने वाले हैं। जिले की पांच विधानसभा सीटों पर भाजपा-रालोद गठबंधन के बीच बंटवारे का गणित पहले ही उलझा है। किसके खाते में कौन सी सीट जाए, यह अभी स्पष्ट नहीं है। उम्रदराज हो चले जनप्रतिनिधियों के उत्तराधिकारी भी चुनावी समर में उतरने को ताल ठोंक रहे हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट राजनीति के प्रमुख चेहरे व गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण छाता क्षेत्र से विधायक हैं। 2022 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर 1,24,414 वोट पाकर रालोद के तेजपाल सिंह को 48,948 वोट से हराया था। इससे पहले 2017 में भी वह विजयी रहे थे। घर में इनकी पुत्रवधु, पुत्री व भतीजे के चुनाव की तैयारियों की चर्चा राजनीतिक हलके में चल रही है। हालांकि चौधरी लक्ष्मी नारायण कहते हैं कि हम ही चुनाव लड़ेंगे।

बुजुर्ग नेताओं के बजाए उनके उत्तराधिकारियों के चुनाव लड़ने की चर्चा तेज

इनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी पूर्व मंत्री ठाकुर तेजपाल सिंह भी इसी सीट से रालोद से दावेदारी कर रहे हैं। रालाेद को अगर टिकट मिलती है तो ठाकुर तेजपाल के पुत्र अतुल सिसौदिया भी मैदान में उतर सकते हैं। 2017 के चुनाव में छाता से सपा प्रत्याशी के तौर पर अतुल का नामांकन निरस्त हुआ था, निर्दलीय नामांकन स्वीकार हुआ था। उस चुनाव के परिणामों में अतुल सिंह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में 53,699 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे।

बुजुर्ग नेताओं के बजाए उनके उत्तराधिकारियों के चुनाव लड़ने की चर्चा तेज

बलदेव में भाजपा विधायक पूरन प्रकाश ने अपने पुत्र पंकज प्रकाश को राजनीतिक गतिविधियों में आगे किया है। पंकज फिलहाल विधायक प्रतिनिधि के रूप में सक्रिय हैं और क्षेत्रीय कार्यक्रमों में लगातार नजर आते हैं। पिछले चुनाव में विधायक पूरन प्रकाश को लोगों की काफी नाराजगी झेलनी पड़ी थी। कई गांवों में लोगों ने उनका बहिष्कार भी किया था। ऐसे में पंकज की सक्रियता ने उनकी दावेदारी को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।

गोवर्धन सीट पर अवागढ़ राजपरिवार ने तेज की राजनीति

गोवर्धन सीट को लेकर अवागढ़ राजपरिवार में उत्तराधिकार की राजनीति तेज हो गई है। यह सीट अभी भाजपा के पास है। लेकिन, रालोद की ओर से कुंवर नरेंद्र सिंह यहां से दावेदारी जता रहे हैं। नरेंद्र सिंह 2019 में रालोद के टिकट पर मथुरा लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। उन्हें 3,77,822 वोट मिले और वह भाजपा की हेमा मालिनी से 2,93,471 वोट से हारकर दूसरे स्थान पर रहे। इससे पहले वह विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं।

यह भी पढ़ें- बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह बोले- तेजी से होगी नई शिक्षक भर्ती, स्कूलों में होंगे टॉप-5 स्टूडेंटस रीडर्स जैसे कार्यक्रम

ऋषिराज ने 2017 में रालोद के टिकट पर लड़ा था चुनाव

इसी राजनीतिक परिवार से उनके बड़े भाई भाजपा नेता व पूर्व सांसद कुंवर मानवेंद्र सिंह अपने पुत्र ऋषिराज सिंह को भाजपा की तरफ से दावेदार बता चुके हैं। एक साक्षात्कार में वह कह चुके हैं कि नरेंद्र सिंह जीतते तो हैं नहीं इसलिए वह अपने पुत्र को लड़ाएंगे। ऋषिराज ने 2017 में उन्होंने रालोद के टिकट पर छाता विधानसभा से चुनाव लड़ा, लेकिन वह 9801 वोटों के साथ चौथे स्थान पर रहे थे।