जागरण संवाददाता, मथुरा: नगर निगम, नगर पालिका और निकाय के चुनाव में पो¨लग पार्टियों की मतदान केंद्रों तक आवाजाही के लिए लगाए गए प्राइवेट वाहनों का अभी तक भुगतान नहीं हो सका है। टेंट-बेरीके¨डग के कार्य का भी बकाया पड़ा है। भुगतान के लिए लोग चुनाव कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।

नगर निगम, पालिका और निकाय के चुनाव संपन्न हुए करीब छह महीने हो गए। चुनाव में पो¨लग पार्टियों को मतदान केंद्रों तक ले जाने और लाने के लिए करीब तीन सौ वाहन लगाए थे। इनमें बस, ट्रक और मेटाडोर समेत अन्य वाहन शामिल थे। इन वाहनों के अलग-अलग भुगतान किया जाना है। जो पंद्रह से लेकर दो हजार रुपये तक है। इनका अभी भुगतान नहीं हुआ है। वाहनों में अलग-अलग पेट्रोल पंपों से लिए गए डीजल और पेट्रोल का भी बकाया है। मथुरा वृंदावन नगर निगम, कोसीकलां नगर पालिका और तेरह नगर पंचायतों के लिए पंडाल, बेरीके¨डग का काम भी कराया गया। नगर निगम, निकाय और पालिका के चुनाव जल्दबाजी में कराए गए थे। सरकार ने भी पर्याप्त बजट का आवंटन नहीं किया गया। कम बजट मिलने से प्रशासन ने यह कार्य उधार में करा लिए थे। वाहन मालिक, पेट्रोल पंप संचालक, पंडाल और बेरीके¨डग करने वाले भुगतान के लिए स्थानीय निकाय चुनाव कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। उनको मई में बजट मिलने पर भुगतान किए जाने का आश्वासन दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि डीएम कार्यालय से चुनाव में हुए खर्च के भुगतान करने के लिए शासन को डिमांड भी नहीं भेजी गई है।

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