वृंदावन: भक्ति वेदांत मंदिर में चल रहे प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में आयोजित संत सम्मेलन में साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि जगद्गुरु डॉ. रामकमलदास वेदांती अब यमुना शुद्धिकरण आंदोलन की अगुवाई करें। ताकि ब्रज में यमुना अविरल रूप से बहे और श्रद्धालु इसका आनंद उठा सकें।

सुनरख रोड स्थित मंदिर परिसर में आयोजित संत सम्मेलन में साध्वी ऋतंभरा ने कहा यमुना की गंदगी के लिए माताएं ही जिम्मेदार हैं। प्लास्टिक के थैलों में सब्जियों के छिलके घर की गंदगी को बांधकर उसका गट्ठर नदियों में फेंक देती है, ऐसे में यमुना दूषित हो रही है। धर्म के जगत में नारियां सुंदर आचरण अपनाएं, वासनाओं को त्याग कर भारत के वैभव को बढ़ाएं, संस्कारित समाज बनाएं तब जाकर हमारी संस्कृति जमुना गंगा के प्रदूषण को दूर कर सकेंगे। पीपा पीठाधीश्वर बलराम दास ने कहा जमुना की गंदगी के लिए हम ही जिम्मेदार हैं। तीर्थ नगरी में 1270 चेरिटेबल ट्रस्ट चल रहे हैं। सभी ट्रस्ट अगर अपनी आय का थोड़ा अंश यमुना के शुद्धिकरण में लगाएं तो यमुना का शुद्धिकरण संभव है।

महामंडलेश्वर सांवरिया बाबा ने कहा नदियों के बढ़ने के अलग-अलग रंग और रूप है। इन नदियों का सर्वे कराकर इनकी शुद्धता के लिए सीवर ट्रीटमेंट लगाया जाए। इन नदियों किनारे संतों को बसाकर एक किलोमीटर का एरिया उन संतों को शुद्धिकरण के लिए दिया जाए। कथावाचक श्रीकांत ने कहा कि कथाओं के माध्यम से लोगों के बीच में चेतना का संचरण होता है। विश्व हिदू परिषद के बड़े दिनेशजी ने कहा साधु-संतों की भूमिका राम जन्मभूमि आंदोलन को सजीव रखने में बहुत रहा है। अब स्वामी वेदांती महाराज के नेतृत्व में संत समाज कार्य सिद्धि तक नदियों की निर्मलीकरण के लिए हुंकार भरें। कांगड़ा पीठाधीश्वर शंकराचार्य, स्वामी शरणानंद, संत सनददास, आचार्य राम, लक्ष्मणाचार्य महाराज, कुबेर दास, मोहन दास, महामंडलेश्वर ज्योतिन, आनंद महाराज, बालक दास जी महाराज समेत अनेक संतों ने भी अपने विचार रखे। संचालन महामंडलेश्वर हरि केशवानंद तथा अध्यक्षता युगपुरुष स्वामी परमानंद महाराज ने की। अंत में जगतगुरु अनंतानंद द्वाराचार्य डॉ. स्वामी राम कमल दास वेदांती ने आभार जताया।

Posted By: Jagran

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