खेतों में आग लगाने में मथुरा UP में अव्वल, पराली जलाने के 73 मामले आए सामने
मथुरा पराली जलाने के मामलों में उत्तर प्रदेश में पहले स्थान पर आ गया है, जहां 15 सितंबर से 2 ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
मथुरा पराली जलाने के 73 मामलों में यूपी में अव्वल।
21 किसानों पर 1.45 लाख रुपये का जुर्माना लगा।
जागरण संवाददाता, मथुरा। खेतों में पराली की आग थमने का नाम नहीं ले रही और प्रशासन की सख्ती भी किसानों को रोकने में पूरी तरह कामयाब नहीं हो पा रही है। नतीजा यह है कि पराली जलाने के मामलों में मथुरा प्रदेश में पहले नंबर पर पहुंच गया है। 15 सितंबर से दो नवंबर तक जिले में पराली जलाने की 73 घटनाएं दर्ज की गई हैं।
प्रशासन ने 21 किसानों पर 1.45 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, लेकिन वसूली महज 30 हजार रुपये ही हो सकी है। मथुरा के प्रदेश में शीर्ष पर पहुंचने की एक बड़ी वजह यहां धान की अगैती खेती और कटाई का दौर माना जा रहा है। जिले में धान का कुल रकबा एक लाख सात हजार हेक्टेयर है। अधिकांश क्षेत्रों में हार्वेस्टर से कटाई होने के कारण खेतों में पराली बच जाती है।
अगली फसल की तैयारी में जुटे किसान इसे हटाने के लिए आग का सहारा लेते हैं। इससे पराली जलाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार सिंह ने बताया कि पराली प्रबंधन के लिए किसानों को सुपर सीडर, हैप्पी सीडर और बेलर मशीनों पर अनुदान दिया जा रहा है।
पराली से खाद और भूसा बनाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। क्षेत्रीय कर्मचारी लगातार किसानों से संपर्क कर रहे हैं और गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष इसी अवधि तक 93 मामले सामने आ चुके थे।
प्रदेश के शीर्ष पांच जिले (15 सितंबर से दो नवंबर तक)
- मथुरा : 73 घटनाएं
- अलीगढ़ : 39 घटनाएं
- पीलीभीत : 17 घटनाएं
- फर्रुखाबाद : 14 घटनाएं
- गौतमबुद्ध नगर : 13 घटनाएं
यह है जुर्माने का प्रविधान
दो एकड़ से कम भूमि पर 2,500 से पांच हजार रुपये तक पराली जलाने पर जुर्माना लगाने का प्रविधान है। इसी तरह दो एकड़ से पांच एकड़ तक भूमि पर पांच हजार, पांच एकड़ से अधिक भूमि पर 15 से 30 हजार रुपये का जुर्माना का प्रविधान है।
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